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हमने भगवान शिव को याद किया और आप मिल गये

मनाली के एक साइबर कैफे में, हिन्दी को लेकर एक रोचक हादसा हो गया था। इसी की चर्चा इस चिट्ठी में है।

मनाली में जॉन्सन होटल है। इसके रेस्ट्रॉं में बढ़िया स्मोक्ड ट्राउट फिश मिलती है। हम लोग एक दिन वही दोपहर का खाना खाने गये। वहीं पर वेटर ने, साइबर कैफे का पता बता दिया था।

मैं अपनी पत्नी को रेस्ट्रॉं में छोड़ कर, साइबर कैफ़े में आ गया। जब मैं अपनी ईमेल  देख रहा था तभी वहां एक विदेशी आया। उसने साइबर कैफ वाले से पूछा, 
'क्या स्काइप है?'
साइबर कैफे के मालिक के हामी भरने पर, विदेशी ने युरोप में किसी से स्काइप पर बात की, पैसा दिया, और चलते बना। मैं अपना काम समाप्त करके चलने को ही था तभी दो  व्यक्ति वहां पर आये और साईबर कैफे के मालिक से पूछा,
'मुझे अति आवश्यक संदेश हिन्दी में टाइप कराना है। क्या आप कर सकते है?'
साईबर कैफे के मालिक ने कहा,
'न तो मैं हिन्दी में टाइप करवा सकता हूं न ही मैं मनाली में किसी ऐसे व्यक्ति को जानता हूं जो हिन्दी में टाइप कर सके।'
मैं उनकी बात सुन रहा था। मैनें कहा,
'हिन्दी में टाइप करने में क्या मुश्किल है। यह तो बहुत ही आसान है।' 
मैंने उन्हें आफलाइन हिन्दी में टाइप करने कैफे हिन्दी, और आन लाइन हिन्दी में टाइप करने के लिये, गूगल ट्रास्टलिट्रेशन की सलाह दी।  कैफे हिन्दी डाउन लोड किया। उसे उनके कम्पूटर पर डाला। लेकिन वह चला नहीं। शायद मैथली जी कुछ प्रकाश डालना चाहें। 

शब्दों के हिन्दी में बदलते ही उनके चेहरे प्रसन्नता से भर गये
मैंने गूगल ट्रांसलिटरेशन का पेज निकाला। उसमें टाइप करके बताया। जैसे ही मैंने अंग्रेजी में टाइप किया और वह हिन्दी में बदल गया, उनके चेहरे पर प्रसन्नता से भर गये। वे उत्साहित हो उठे।  मैंने उनसे कहा,
'आप खुद टाइप करें। मैं लिनेक्स में काम करता हूं। इसलिए मुझे गूगल ट्रांसलिटरेशन में काम करने की जरूरत नहीं पड़ती है। यही कारण है कि मैं इस पर ठीक से टाइप नहीं कर पा रहा हूं। आप ट्रायल, ऎरर से टाइप कर लें।'
वे लोग  बहुत ही तेजी से टाइप करने लगे और उनका काम  हो गया। उनमें से एक व्यक्ति  नाम छोटे लाल था। वह  इंजीनियर है और दिल्ली के बिहार भवन में कार्यरत है। उन्होने मुझसे बताया,  
'हम शिव भक्त हैं और हमारे शिव शिष्य परिवार नामक संस्था से जुड़े हैं। हमारे गुरू देव भी आये हैं। उन्हीं का संदेश टाइप करवाना था। आप हमारे गुरूदेव से मिल लीजिए और शिव भक्त बन जांए।'
मैंने कहा,
'जैसे आप  शिव भक्त है उसी तरह मैं हिन्दी का भक्त हूं । आप हिन्दी में टाइप न होने के कारण परेशान लग रहे थे। इसलिए मैने हिन्दी में टाइप करना आपको सिखा दिया। मेरे पास समय की कमी है। इसलिए आपके गुरूदेव से न मिल सकूंगा। इसके लिए आप मुझे माफ़ करें।'
बाहर निकलते समय दूसरा व्यक्ति आया उसने कहा,
'आप क्यों नही शिव भक्त हो जाते हैं? यदि आप कहे तो मैं घोषणा कर दूं।'
मैं अज्ञेयवादी हूं। न ही इन बातों में विश्वास करता हूं और न ही किसी ऐसी संस्था का सदस्य हूं। मुझे कुछ हिचक लग रही थी। वे इतने उत्साहित और खुश लग रहे थे कि मुझे लगा कि यदि मैं मना कर दूंगा तो वह दुखी हो जायेंगे। मैं चुप रहा। उसने मेरे मौन को हांमी समझ, मेरे नाम से घोषणा की, कि मैं शिव भक्त हो गया और कहा, 
'आप जब कभी मुश्किल में पड़े तो शिव को याद करियेगा। आपकी सारी मुश्किल दूर हो जायेगी। हमें हिन्दी में टाइप करने की मुश्किल थी। हमने भगवान शिव को याद किया। जैसे, उन्होंने आपको हमारी सहायता के लिए भेज दिया वैसे वे आपकी मुश्किल दूर करने के लिये किसी को भेज देंगे, या स्वयं दूर कर देंगे।'

साइबर कैफे मालिक  भी प्रसन्न हो गये क्योंकि उसने भी कुछ नया  सीखा। मैं चलने लगा तो उसने अपनी दुकान का कार्ड दिया। यह लोग स्पेशल टूर इंडिया के नाम से पर्यटन की कम्पनी भी चलाते हैं।  मैं जब चलने लगा तो उसने मुझसे  केवल दस रुपया लिया। मुझे लगा कि यह  बहुत कम है।  उसने कहा, 

'आपने मेरी सहायता की है और हिन्दी टाइप करना सिखाया है पर इस लिए मैं केवल  दस रूपये ले रहा हूं। वैसे सही दाम ५० रुपया होता है।'
मुझे इस बात की प्रसन्नता हुई की मैं मनाली में भी हिन्दी की कुछ सेवा कर सका।

हम लोग, मनाली में स्टर्लिंग रिज़ॉर्ट में ठहरे थे। यह कुछ अलग तरह के होटेल हैं। इनके बारे में इस श्रंखला की अगली कड़ी में।

देव भूमि, हिमाचल की यात्रा

हिन्दी में नवीनतम पॉडकास्ट Latest podcast in Hindi
सुनने के लिये चिन्ह शीर्षक के बाद लगे चिन्ह ► पर चटका लगायें यह आपको इस फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम अंग्रेजी में लिखा है वहां चटका लगायें।:
Click on the symbol ► after the heading. This will take you to the page where file is. his will take you to the page where file is. Click where ‘Download’ and there after name of the file is written.)
यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो दाहिने तरफ का विज़िट, 
'मेरे पॉडकास्ट बकबक पर नयी प्रविष्टियां, इसकी फीड, और इसे कैसे सुने




About this post in Hindi-Roman and English manali ke cyber cafe mein hindi ko lekae rochak hadsaa ho gayaa. tha is chitthi mein usee  ke charchaa hai. yeh {devanaagaree script (lipi)} me hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

There was an interesting incident regarding Hindi in cyber cafe in Manaali. This post idescribes the same. It is in Hindi (Devnagri script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.

सांकेतिक शब्द
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जो वायदा किया, वो निभाना पड़ेगा

इस चिट्ठी में सॉफ्टवेयर फ्रीडम डे और लोकप्रिय  ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर  के बारे में चर्चा है।
'अरे उन्मुक्त जी कौन सा वायदा,  किसने किया,  कब किया?'
अरे, वही वायदा, जो आपने, हिन्दी चिट्ठाजगत ने - अपने आप से किया था। आज सितम्बर माह का तीसरा शनिवार है। इस दिन प्रत्येक साल, सॉफ्टवेयर मुक्ति दिवस (Software Freedom Day) बनाया जाता है। याद नहीं, आपने वायदा नहीं किया था कि आज के दिन से, कम से कम, आप एक ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर का प्रयोग करना शुरू करेंगे। अरे इस दिवस के बारे में, मैंने पिछले सालों में,  'आइम् लविंग इट' और 'मुक्त सॉफ्टवेयर दिवस' शीर्षक से बताया था। लगता है कि आप भूल गये। 

चलिये, कोई बात नहीं। मैं पुनः कुछ मुक्त सॉफ्टवेयरों के बारे चर्चा करता हूं जिन्हें आप बहुत आसानी से  विंडोज़ पर इस्तेमाल कर सकते हैं। यह लिनेक्स पर भी चलते हैं। पहले आप इन्हें विंडोज़ पर प्रयोग कीजिये फिर जब मन आये तब लिनेक्स शुरू कर दीजियेगा। ठीक, अब वायदा पक्का, थम्ब प्रॉमिस (thumb promise),  याद रखेंगे न।


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सबसे पहले मॉज़िला के तीन बेहतरीन मुक्त प्रोग्राम के बारे में बात करते हैं।  यह तीनो मॉज़िला पब्लिक लाइसेन्स, जो कि एक ओपेन सोर्स लाइसेन्स है, के अन्दर प्रकाशित हैं। 
  • फायरफॉक्स: यह अन्तरजाल पर सबसे बेहतरीन वेब ब्रॉउज़र है। मैं सारे काम इसी पर करता हूं। अपने चिट्ठे, पॉडकास्ट इसी पर करता हूं। आपकी चिट्ठियां भी इसी पर पढ़ता हूं। इसमें पहले हिन्दी के साथ कुछ मुश्किल थी पर अब नहीं।
  • थंडरबर्ड: यह ई-मेल भेजने और प्राप्त करने के सॉफ्टवेर है। मैं आपकी ईमेल इसी पर प्राप्त करता हूं और इसी से आपको ईमेल लिखता हूं।  इसमें चिट्ठों की आरएसएस फीड भी स्थापित की जा सकती है। मैंने पहले इसी पर फीड स्थापित कर चिट्‌ठों को पढ़ता था।
  • सनबर्ड: यह ई-मैनेजर है। यह आपको प्रिय जनों का जन्मदिन, शादी की सालगिरह की याद दिलाता है। मैंने अपने मित्रों, सहयोगियों का जन्मदिन, शादी की सालगिरह इसी पर नोट कर रखी है। उन्हें हमेशा आश्चर्य होता है कि मैं कैसे उन सब का जन्मदिम और शादी की सालगिरह याद रखता हूं। बस, इसका यही राज है। इसे आप अलग से या फिर थंडरबर्ड या फायरफॉक्स के साथ स्थापित कर चला सकते हैं। मैंने इसे  थंडरबर्ड के साथ स्थापित कर रखा है।

मैं कार्यलाय से संबन्धित सारे कार्य ओपेनऑफिस डाट कॉम के आफिस स्वीट में करता हूं।मुझे इसमें या एमएस वर्ड में कोई अन्तर नहीं लगता यह उतना ही अच्छा है। बस इसका फायदा यह है कि यह मुफ्त है। इसमें कई प्रोग्राम हैं
  • राइटर: इसका प्रयोग मैं लिखने के लिये करता हूं। मैं अपनी सारी चिट्ठियां, समय की सुविधा के अनुसार ऑफलाइन पर लिख लेता हूं। इसके बाद धीरे धीरे कड़ियों पर उन्हें अपने चिट्ठों पर डालता हूं। इसमें एक बेहतरीन सुविधा है कि यह न केवल आपकी फाइलों को पीडीएफ मानक में बदल सकता है पर यह पीडीऐफ फाइलों को संशोधित भी कर सकता है। मेरा काम लिखने से संबन्धित है। यह सारे मैं इसी पर करता हूं। मैंने कुछ पुस्तकें अंग्रेजी में लिखी हैं। सौभाग्य से इनके कई संस्करण भी निकलें हैं। यह सारे मैंने इसी पर किये हैं। मुझे इसमें कभी भी कोई मुश्किल नहीं हुई। यह डिफॉल्ट में मुक्त मानक में फाइलों को सुरक्षित करता है। लेकिन आप चाहें तो किसी भी अन्य मानक या  एमएस वर्ड के डिफॉल्ट मानक डॉक पर भी फाइलें सुरक्षित कर सकते हैं। आप अपने एमएस वर्ड पर काम करने वाले मित्र को उसी के मनचाहे मानक पर फाइलें भेज सकते हैं या फिर उनसे सन-माइक्रोसिस्टम का यह मुफ्त प्लग-इन डाउनलोड कर अपने एमएस वर्ड के प्रोग्राम में स्थापित करने के लिये कह सकते हैं ताकि यह मुक्त मानक की फाइलों को पढ़ सकें।
  • इम्प्रेस: मुझे  अकसर सम्मेलन में या फिर विद्यार्थियों के बीच बोलने का मौका मिलता है। मैं प्रस्तुतिकरण (presentation) के लिये इसी का प्रयोग करता हूं। मेरे सुनने वालों ने कभी नहीं कहा कि मेरा प्रस्तुतिकरण किसी प्रकार भी पावर पॉइंट पर बने प्रस्तुतिकरण से कम अच्छा है। मैं सुविधा के लिये अपने प्रस्तुतिकरण की एक फाइल पीपीटी मानक और पीडीएफ मानक पर भी बना कर ले जाता हूं। यह सुविधा भी इसमें है। 
  • इसके अतिरक्त कार्यालय के अन्य तरह के काम करने के लिये चार अन्य प्रोग्राम, मैथ, कैल, ड्रॉ, और बेस भी हैं। जिन पर बाकी सारी तरह की फाडलें बना सकते हैं। मुझे उनका प्रयोग करने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसलिये मैं उनके बारे में नहीं लिख पा रहा हूं। आप  लिख सकतें हों तो क्या बात है। 


मल्टीमीडिया और चित्रों के लिये ओपेन सोर्स में बेहतरीन प्रोग्राम हैं।
  • वीएलसी मीडिया प्लेयर और एमप्लेयर: आप इन दोनो प्रोग्राम में ऑडियो और वीडियो के प्रत्येक प्रकार के मानकों की फाइलों को सुन सकते हैं। मैं इसी पर सुनता या देखता हूं।
  • ऑडेसिटी: इस प्रोग्राम में, ऑडियो फाइलों को सुना, संपादित, और रिकॉर्ड किया जा सकता है। मैं अपनी बकबक (मेरे पॉडकास्ट), इसी पर रिकॉर्ड करता हूं। इसमें एमपी-३ पइलों के लिये प्लग-इन डालना होता है। यह करने में कोई मुश्किल नहीं होती है। आप  एमपी-३ मानक में भी रिकॉर्ड कर सकते हैं। किसी भी मानकों की फाइलों को दूसरे मानक में बदल सकते हैं। मैं अपने पॉडकास्ट ऑग मानक पर रिकॉर्ड करता हूं। पॉडभारती में मेरे दो पॉडकास्ट 'स्कॉट की अन्तिम यात्रा' और 'पापा क्या आप उलझन में हैं' को पुनः यहां और यहां प्रकाशित किया है। वे एमपी-३ मानक में हैं। मेरे विचार से यह उन्होंने, इसी प्रोग्राम का प्रयोग कर किया है।
  • गिम्प: इस प्रोग्राम का प्रयोग चित्रों को संपादित करने के लिये कया जाता है। इसमें आप चित्रों सम्पादित और उनका पिक्सल कम कर सकते हैं। चिट्ठों पर चित्र डालते समय उन्हें अक्सर सम्पादित करना पड़ता है। क्योंकि यदि चित्र के किसी भाग का महत्व उस चिट्ठी के लिये नहीं है तो उसे रखने की कोई जरूरत नहीं। चिट्ठों पर चित्रों  को हमेशा पिक्सल कम करके डालना चाहिये। इससे चिट्ठा और वह चिट्ठी दोनो जल्दी लोड होती हैं।  यह  काम मैं इसी पर करता हूं। 
यदि आप और मुक्त सॉफ्टवेयर के प्रोग्रामों के बारे में जानना चाहें तो आप मेरी बिटिया को लिखी चिट्ठी 'ओपेन सोर्स की पाती - बिटिया के नाम' पर या फिर 'वेलेंटाइन दिवस, ओपेन सोर्स के साथ मनायें' चिट्ठी पर पढ़ सकते हैं।
linux Pictures, Images and Photos
'उन्मुक्त जी, जब बाज़ार में सारे प्रोग्राम दस रुपये की सीडी में मिल जाते हैं तो फिर   ओपेन सोर्स के टंटे करने का क्या फायदा?'
सवाल तो वाज़िफ है। मैं जवाब देने की कोशिश करता हूं।
  • मैं लिनेक्स और ओपेन सोर्स प्रोग्राम का प्रयोग इसलिये करता हूं क्योंकि मैं चाहता हूं सब इनका प्रयोग करें। यह धुर सत्य है, आप जैसी  दुनिया चाहो, वैसा स्वयं बनो। 
  • महात्मा गांधी ने एक बार कहा, 'साधन, अन्त से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।' यह बात यहां भी लागू होती। इसके लिये मैं उलझन में नहीं रहता
  • न केवल बच्चे, पर हम सब व्यवहार से सीखते हैं न कि उपदेश से। इस पर काम करने से 'एक घन्टा, एक मिनट लगता है' :-)
  • इनका प्रयोग करने के कारणों में, सबसे मुख्य बात यह है कि इनका प्रयोग करने में कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं होता और यह मुफ्त हैं। इसका प्रयोग आप अपनी अन्तरात्मा को बिना गिरवी रखे कर कर सकते हैं।
  • आपने पंचतंत्र की  कछुवा और खरगोश की कहानी तो सुनी होगी। इसमें, आजकल  बदलाव हो हो गया है। यह बदलाव ओपेन सोर्स के करीब है। आपको नहीं मालुम तो यहां पढ़ लीजिये।
  • यही वह जगह जहां पेंग्युन भी उड़ सकती हैं
  • आपको तो मालुम ही है कि ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर का सबसे जाना माना प्रोग्राम लिनेक्स है और इसे प्रयोग करने वाले पुरुष तो खास होते हैं। वे न केवल जोशीले और उत्साही होते हैं पर उन्हें महिलायें भी अधिक पसन्द करती हैं। पुरुष पाठक समय न गवायें,  तुरन्त खुद ही यहां पढ़ें। 
  • क्या कहा, आप पुरुष नहीं, महिला हैं।  कोई बात नहीं। अब वह सुबकने वाली, पुरुषों का साया ढ़ूढ़ने वाली महिला कहां रह गयी है। महिला तो आज की दुर्गा है उसका सशक्तिकरण हो चुका है। वे पुरुषों से किसी क्षेत्र में कम नहीं, फिर देर किस बात की - शुरू करिये प्रयोग करना ओपेन सोर्स के प्रोग्राम।

मैं जानता हूं कि आप यहां ओपेन सोर्स का भाषण सुनने नहीं आये हैं। आप तो आये हैं ताजमहल के प्यारे से गाने को सुनने के लिये जो इस चिट्ठी का शीर्षक है। लीजिये वह भी सुन लीजिये। लेकिन इस गाने कुछ को इस तरह से समझियेगा,
जो वायदा किया, वो निभाना पड़ेगा।
रोके तुम्हारा डर चाहे,
तुमको मुक्त सॉफ्टवेयर प्रयोग करना पड़ेगा
हो वायदा किया है तुमने,  
मुक्त सॉफ्टवेयर प्रयोग करने का।
वह वायदा तो तुम्हें निभाना पड़ेगा, निभाना पड़ेगा।



जब आप में से अधिकांश यह चिट्ठी पढ़ रहे होंगे तो मैं अपने कस्बे से दूर, कुछ दिनो तक हिमाचाल, हरियाणा, और पंजाब के दौरे पर रहूंगा। मेरा अपने आप से वायदा है कि मैं लैपटॉप न ले जाउं और इस काल्पनिक दुनिया से दूर रहूं। देखता हूं कि इसमें सफल रहता हूं कि नहीं। 

 मेरी 'केरल यात्रा' एवं 'डार्विन, विकासवाद, और मज़हबी रोड़े'  श्रंखलायें समाप्त हो रही हैं।  बहुत जल्द, मैं आपको नयी श्रंखलाओं  पर ले चलूंगा। इनमें से एक ऐसे उपन्यास और उससे जुड़ी कहानियों के बारे में है जो न केवल २०वीं शताब्दी के उत्कृष्ट अमेरिकन साहित्य में गिना जाना जाता है पर,  मेरी बिटिया के अनुसार, जिसे अमेरिका के कॉलेज जाने वाले प्रत्येक विद्यार्थी ने कम से कम एक बार पढ़ा है। दूसरा हो सकता है कि मैं आपको कुल्लू मनाली की यात्रा पर ले चलूं। 
 






मुक्त सॉफ्टवेयर से संबन्धित अन्य चिट्ठियां




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सांकेतिक शब्द
 software freedom day,
Free software, information , Information Technology, Intellectual Property Rights, information technology, Internet, Internet, Open source software, software, software, technology, technology, Technology, technology, technology, Web, आईटी, अन्तर्जाल, इंटरनेट, इंटरनेट, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर, टेक्नॉलोजी, टैक्नोलोजी, तकनीक, तकनीक, तकनीक, सूचना प्रद्योगिकी, सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेर,

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अन्तरजाल पर कानून में टकराव

अन्तरजाल में देशों की सीमायें नहीं हैं। इस कारण देशों के कानून में टकराव हो रहा है। श्रंखला - 'अंतरजाल की मायानगरी में' की इस कड़ी में, इसी की चर्चा है। इसे आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,
  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में,
सुन सकते हैं। ऑडियो फाइल पर चटका लगायें। यह आपको इन फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम अंग्रेजी में लिखा है वहां चटका लगायें। इन्हेंं डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले।

मैंने 'अन्तरजाल की माया नगरी' श्रंखला में अन्तरजाल पर उठ रहे मुद्दों के बारे में चर्चा की थी। यह श्रंखला बहुत पहले समाप्त हो गयी थी। उसके बाद मुझे लगा कि इसके भविष्य के बारे में कुछ लिखना चाहिये। इसलिये मैने दो चिट्ठियां वेब २.० और सॅमेंटिक वेब पर लिखीं।


देशों के कानून अलग अलग हैं। इस कारण अन्तरजाल पर उठ रहे मुद्दों के हल में भी टकराव हो रहा है। मेरे विचार से, इस पर भी कुछ चर्चा, इस श्रंखला में होनी चाहिये इसी लिये यह चिट्ठी प्रकाशित कर रहा हूं।


कानून किसी भी जगह और समय के प्रतिबिम्ब होते हैं। यह उस जगह और समय की नैतिकता के प्रतीक हैं। हांलाकि कानून कितना कारगर है यह बात वहां के कानून के पालन पर निर्भर करती है। 

देशों में, मोटे तौर पर कानून एक जैसे होते हैं पर कुछ मूलभूत अन्तर के कारण, कानून में भी अन्तर होता है। वेब ने, देशों की सीमाओं को समाप्त कर दिया है। इसलिये जहां कानून में अन्तर है वहां टकराव की स्थिति पैदा हो गयी है। अभी तक इस समस्या का हल, न तो संतोषजनक रूप से निकला है, और न ही कोई रास्ता समझ में आ रहा है। आइये इसके कुछ उदाहरण देखें।


अश्लीलता देशों की नैतिकता पर निर्भर है। देशों में अश्लीलता के अलग अलग मापदन्ड हैं। बहुत से देशों में जिसे अश्लील नहीं कहा जाता उसे दूसरे देशों में अश्लील कहा जाता है। किस भी देश में स्थित वेबसाइट की सामग्री को दुनिया के किसी और देश में देखा जा सकता है। यदि उस सर्वर की वेबसाइट कुछ ऐसा साहित्य है जो कि उस देश के कानून के मुताबिक अश्लील न हो पर दूसरे देश के कानून के मुताबिक अश्लील हो तो क्या दूसरे देश में उस साहित्य को सर्वर पर डालने वाले को जेल भिजवाया जा सकता है।


यही बात मानहानि (defamation) के कानून में लागू होती है। जो समाग्री एक देश में कानूनी है पर दूसरे देश में गैरकानूनी है। सवाल यह उठता है कि उस सामग्री को किसी दूसरे देश में, जिसके कानून के अन्दर वह गैर कानूनी है, कैसे रोका जाय।


द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद, जर्मनी और फ्रांस में नाज़ी साहित्य या उनके चिन्ह या उनकी बड़ाई करने वाले साहित्य के बेचने पर मनाही है।

नाज़ी पार्टी के शासन के समय जर्मनी का राष्ट्रीय चिन्ह

याहू एक प्रसिद्ध वेबसाइट है।
Image representing Yahoo! as depicted in Crunc...चित्र क्रंच बेस के सौजन्य से
हर देश में इसकी सहायक (subsidiary) कंपनी भी पंजीकृत है।  याहू वेबसाइट बहुत सारी सेवायें भी देती है जसमें निलामी भी है। यह नाज़ी चिन्हों की निलामी भी करती है। यह बात अमेरिका में तो गैरकानूनी नहीं, पर फ्रांस और जर्मनी में है।

याहू फ्रांस, याहू की सहायक कम्पनी है जो कि फ्रांस देश में पंजीकृत है। यह वहां के कानून से बाध्य है। यह नाज़ी चिन्ह या नाज़ियों की बड़ाई करने वाला साहित्य नहीं बेच सकती है। लेकिन सवाल यह है कि याहू वेबसाइट जो अमेरिका के सर्वर पर स्थित है और अमेरिका में पंजीकृत है जिसके कानून में यह सेवा गैरकानूनी नहीं है को क्या फ्रांस के न्यायालय या सरकार ऐसा करने से मना कर सकती है कि वह ऐसा कार्य न करे क्योंकि यह वेबसाइट फ्रांस में भी देखी जा सकती है, जहां यह गैरकानूनी है। 

 
नाज़ी पार्टी का बैज़

फ्रांस के नागरिक स्वतंत्रता (civil liberty) की दो संस्थाओं ने फ्रांस में याहू पर मुकदमा ठोका। फ्रांसीसी न्यायलय ने निषधाज्ञा जारी कर याहू को इस तरह की पुस्तकें तथा चिन्ह बेचने से मना किया और आज्ञा न मानने पर हर्ज़ाना लगाया। याहू ने इस फैसले के खिलाफ अपील तो नहीं प्रस्तुत की पर अमेरिकन न्यायलय में इस बात का मुकदमा चलाया कि
  • वे, यह कार्य वे अमेरिका में कर रहे हैं;
  • जहां के कानून के अन्दर यह गैर कानूनी नहीं है; 
  • इसलिये इस फैसले शून्य घोषित किया जाय।


परीक्षण न्यायालय ने इस फैसले को शून्य घोषित कर दिया। फ्रांस की संस्थाओं ने इसके विरुद्ध अपील प्रस्तुत की जो २-१ से स्वीकार कर ली गयी पर बाद में यह फैसला पुननिरीक्षण के लिये पूरी अपीली न्यायालय के समक्ष पेश हुआ। ११ न्यायधीशों ने मुकदमे सुना और तय किया (433 F.3d 1199) कि,
'An eight-judge majority ... holds ... that the district court properly exercised specific personal jurisdiction over defendants ... A three-judge plurality of the panel concludes, as explained in Part III of this opinion, that the suit is unripe for decision ... When the votes of the three judges who conclude that the suit is unripe are combined with the votes of the three dissenting judges who conclude that there is no personal jurisdiction ... there are six votes to dismiss Yahoo!’s suit.


We therefore REVERSE and REMAND to the district court with instructions to dismiss without prejudice.'


इस फैसले में मुख्यतः अमेरीकी अपीली न्यायालय ने बहुमत द्वारा इस बात पर फैसला देने से इंकार कर दिया कि क्या अमेरीकी न्यायालय, फ्रांसीसी न्यायालय का फैसला रद्ध किया जा सकता है। तीन न्यायधीशों के मुताबिक यह सवाल अभी उठा नहीं है और यह मुकदमा परिपक्व नहीं हुआ है। क्योंकि फ्रांसीसी न्यायालय का फैसला अभी तक अमेरिका में लागू करने के लिये नहीं आया है। तीन न्यायधीशों के मुताबिक न्यायालय को विपक्ष पर निर्णय देने के लिये व्यक्तिगत अधिकार नहीं पाप्त है। इस लिये न्यायालय ने इस मुकदमे को परीक्षण न्यायालय के पास इसे यह कहते हुऐ खारिज करने के लिये भेज दिया कि यह याहू के अधिकारों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं रखेगा।


कानून में यह स्पष्ट नहीं है कि इस परस्थिति में क्या किया जाय – शायद इसका हल भविष्य में ही छिपा है। शायद, 
  • सारे देशों को एक कानून पर सहमति बनानी होगी, या
  • फ्रांसीसी न्यायालय को याहू को निषेधाज्ञा न देकर, फ्रांस में स्थित, इंटरनेट की सेवायें देने वाली कंपनियों को यह आज्ञा देनी चाहिये थी, या
  • कोई अन्य रास्ता (जो मुझे समझ में नहीं आता) वह ढ़ूढा जाय।
देखिये भविष्य इस विषय में किस तरफ करवट लेता है।


अंतरजाल की मायानगरी में
टिम बरनर्स् ली।। इंटरनेट क्या होता है।। वेब क्या होता है।। वेब २.०।। सॅमेंटिक वेब क्या है और विकिपीडिया का महत्व।। लिकिंग, क्या यह गलत है।। चित्र जोड़ना - यह ठीक नहीं।। फ्रेमिंग भी ठीक नहीं।। बैंडविड्थ की चोरी - क्या यह गैर कानूनी है।। बैंडविड्थ की चोरी - कब गैरकानूनी है।। डोमेन नाम विवाद क्या होता है।। समान डोमेन नाम विवाद नीति, साइबर और टाइपो स्कवैटिंग।। की वर्ड और मॅटा टैग विवाद।। गोलमाल है भाई गोलमाल।। अन्तरजाल पर कानून में टकराव।। समकक्ष कंप्यूटर के बीच फाइल शेयरिंग।। शॉ फैनिंग, नैपस्टर सॉफ्टवेयर, और उस पर चला मुकदमा।। कज़ा केस।। ग्रॉकस्टर केस।। ग्रॉकस्टर केस में अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय का फैसला।।

इस चिट्ठी के दोनो चित्र विकिपीडिया के सौजन्य से हैं।

हिन्दी में नवीनतम पुस्तक समीक्षा पॉडकास्ट
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  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में - सुन सकते हैं।
बताये गये चिन्ह पर चटका लगायें या फिर डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले।













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'वामन की वापसी' कहानी का मुक्त मानक से सम्बंध

मुक्त मानक और 'वामन की वापसी' श्रंखला की इस कड़ी में बताया गया है कि 'वामन की वापसी' विज्ञान कहानी के संदर्भ में किस प्रकार मुक्त मानक महत्वपूर्ण हैं और इन दोनो में क्या रिश्ता है। इसे आप रोमन या किसी और भारतीय लिपि में पढ़ सकते हैं। इसके लिये दाहिने तरफ ऊपर के विज़िट को देखें।
इसे आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,
  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में,
सुन सकते हैं। ऑडियो फाइल पर चटका लगायें फिर या तो डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले। डाउनलोड करने के लिये पेज पर पहुंच कर जहां Download फिर फाईल का नाम लिखा है, वहां चटका लगायें।


भौतिक जीवन में सूचना लिपि में रहती है यदि लिपि को पढ़ा जा सकता है तो सूचना भी समझी जा सकती है यदि आप लिपि को नहीं पढ़ सकते तो वह सूचना हमेशा के लिए खो जायेगी । जैसा कि खगोलशास्त्री जयंत विष्णु नार्लीकर (Jayant Vishnu Narlikar) के द्वारा लिखी विज्ञान कहानी 'वामन की वापसी' में प्लेट पर लिखी सूचना के साथ हो रहा था। जब तक वह पढ़ी नहीं गयी, तब तक लोगों के समझ में नहीं आया कि,
  • क्यों वह सभ्यता क्यों नष्ट हो गयी? और
  • किस लिये वामन, लोगों को उसे अपने तरह के रोबॉट बनाने की विधि सिखाने की बात कह रहा था?

कंयूटर संसार में, सूचना मानक में रहती है । यदि मानक मालिकाना है तो यह हो सकता है कि उसके बनाने वाले उसे बनाना छोड़ दें और उसे बनाने का तरीका किसी और को न मालूम हो। इस दशा में वह सूचना हमेशा के लिए हाथ से निकल जायेगी।

यही कारण है कि सूचना को मुक्त मानक पर रखना ही बहुत अच्छा है यदि हम सूचना को मुक्त मानक पर रखते है तो यह सूचना कभी भी समाप्त नही हो सकती क्योंकि सबको मालूम है कि मुक्त मानक को किस प्रकार से कंम्पयूटर प्रोग्राम में पढ़ा जाये। इसीलिए आडियो फाइलों को mp3 मानक जो कि मालिकाना मानक है में रखना ठीक नहीं। इसके लिए ogg मानक कहीं बेहतर है। क्योंकि यह मुक्त मानक है।

महात्मा गाँधी ने एक बार कहा था,
'You must be change that you want to see in the world.'
जो बदलाव तुम दुनिया में चाहते हो स्वयं वैसा बनो।

मैं चाहता हूं कि दुनिया में मुक्त मानक, मुक्त सॉप्टवेयर पर काम हो। इसलिये स्वयं इसी पर काम करता हूं


मैं चाहता हूं कि दुनिया वाले मुक्त मानक का प्रयोग करें इसीलिए मै स्वयं पहले इनका प्रयोग करता हूं। मैं अपनी आडियो फाइलें ogg, टेक्सट फाइलें doc की जगह odt, प्रस्तुतिकरण ppt की जगह odp मानक में रखता हूं क्योंकि यह मुक्त मानक हैं। यह आपको तय करना है कि आप अपनी फाइलें किस मानक में रखें। यही कारण है कि मुक्त सॉफ्टवेयर पर काम करता हूं।

इसी के साथ यह श्रंखला समाप्त होती है। मैं होली पर केरल गया था। बहुत जल्दी उस यात्रा के संस्मरण लिखूंगा। इसके साथ, शीघ्र ही, किसी अन्य श्रंखला पर भी चलेंगे। तब तक के लिये तो झेलिये - साउथ अफ्रीका यात्रा के संस्मरण :-)

क्या आप किसी खास श्रंखला की यात्रा पर चलना चाहते हैं - बताईयेगा।


मुक्त मानक और वामन की वापसी
भूमिका।। मुक्त मानक क्यों महत्वपूर्ण हैं?।। मुक्त मानक क्या होते हैं?।। मुक्त मानक क्यों उचित साधन हैं।। जयंत विष्णु नार्लीकर की विज्ञान कहानी -वामन की वापसी।। 'वामन की वापसी' कहानी का मुक्त मानक से सम्बंध





संबन्धित वेब पेज





About this post in Hindi-Roman and English is post per Jayan Vishnu Narlikar ke dvaara likhee 'vaman ki vaapsi' vigyaan khaani aur open format ke beech sambandhon kee charchaa. yeh hindi (devnagree) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post talks about relevance of open format in light of the science fiction 'The Return of Vaman' written by Jayan Vishnu Narlikar. It is in Hindi (Devnaagaree script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.

सांकेतिक शब्द
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मुक्त मानक क्यों उचित साधन हैं

'मुक्त मानक और वामन की वापसी' श्रंखला की इस कड़ी में बताया गया है कि मुक्त मानक क्यों उचित साधन हैं? इसे आप रोमन या किसी और भारतीय लिपि में पढ़ सकते हैं। इसके लिये दाहिने तरफ ऊपर के विज़िट को देखें।

इसे आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,

  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में,
सुन सकते हैं। ऑडियो फाइल पर चटका लगायें फिर या तो डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले। डाउनलोड करने के लिये पेज पर पहुंच कर जहां Download फिर फाईल का नाम लिखा है, वहां चटका लगायें।


मुक्त मानक महत्वपूर्ण हैं। मैं इस बात को, इसी चिट्ठे में, इसी श्रंखला की चिट्ठी 'मुक्त मानक क्यों महत्वपूर्ण हैं?' में लिख चुका हुं। इसे मैं ई-पाती श्रंखला की चिट्ठी 'पापा, क्या आप उलझन में हैं' पर भी प्रकाशित कर चुका हूं।  इन दोनो चिट्टियों का पॉडकास्ट आप  मेरी बकबक पर यहां और यहां सुन सकते हैं।  'पापा, क्या आप उलझन में हैं' चिट्ठी का पॉडकास्ट आप मेरी बकबक के अतिरिक्त पॉडभारती के ८वें अंक में भी सुन सकते हैं।


मैंने इसी विषय पर एक और चिट्ठी अपने छुटपुट चिट्ठे की चिट्ठी 'मुक्त मानक का प्रयोग करना क्यों बेहतर है'? चिट्ठी पर किया है। यह चिट्ठियां न केवल मुक्त मानक के महत्व पर इसके फायदे को भी बताती हैं। 

मुक्त मानक का प्रयोग करना हमेशा फायदेमन्द ही होता है; इसमें कोई नुकसान नहीं है - यही कारण है कि ये उचित साधन हैं।

मुक्त मानक  न केवल एकाधिकार समाप्त करते हैं पर एक स्वस्थ प्रतिद्वन्तता  प्रेरित करते हैं। सूचना प्रधोगिकी में सबसे ज्यादा उन्नति मुक्त मानक के द्वारा है चाहे वह अंतरजाल हो, या  वेब सूचना स्थानान्तरित करने का तरीका। यह सब मुक्त मानक,  न की किसी मालिकाना मानक, पर आधारित हैं। इसके कम से कम निम्न फायदें हैं:

  • इनका प्रयोग करने से किसी भी प्रकार का लाइसेंस अथवा पेटेंट का भय नहीं होता हैं।
  • सारे मुक्त मानक के लिए कोई न कोई ओपेन सोर्स  सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं।जिसका प्रयोग मुफ्त में बिना कॉपीराइट उल्लघंन के किया जा सकता है।
  • मुक्त मानक में रखी गई फाइलें कभी भी खो नहीं सकती हैं। वह हमेशा लोगों के लिए  उपलब्ध रहेगी।
  • मुक्त मानक किसी भी सॉफ्टवेयर में लागू किया जा सकता है। इस कारण भी व्यक्ति अपनी सूचना या फाइलों का वास्तव में स्वामी रहता है।
यही कारण है कि वे एक उचित साधन हैं।

इस श्रंखला में हम जब अगली बार मिलेंगे तब प्रसिद्व  खगोलशास्त्री जयंत विष्णु नार्लीकर  की विज्ञान कहानी 'वामन की वापसी' (The Return of Vaman) की चर्चा करेंगे। यह विज्ञान कहानी मुक्त मानक के महत्व बताती है।


मुक्त मानक और वामन की वापसी
भूमिका।। मुक्त मानक क्यों महत्वपूर्ण हैं?।। मुक्त मानक क्या होते हैं?।। मुक्त मानक क्यों उचित साधन हैं।। जयंत विष्णु नार्लीकर  की विज्ञान कहानी -वामन की वापसी।। 


is post per bataaya gya hai ki mukta maanak kyon uchit sadhan hote hain. yeh hindi (devnagree) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post explains why ar 'Open formats' good means? It is in Hindi (Devnaagaree script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.


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मुक्त मानक क्या होते हैं?

'मुक्त मानक और वामन की वापसी' श्रंखला की इस कड़ी में बताया गया है कि मुक्त मानक क्या होते हैं? इसे आप रोमन या किसी और भारतीय लिपि में पढ़ सकते हैं। इसके लिये दाहिने तरफ ऊपर के विज़िट को देखें।

इसे आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,
  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में,
सुन सकते हैं। ऑडियो फाइल पर चटका लगायें फिर या तो डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले। डाउनलोड करने के लिये पेज पर पहुंच कर जहां Download फिर अंग्रेजी में फाइल का नाम लिखा है, वहां चटका लगायें।

मानक, कम्पयूटर दुनिया में, सूचना रखने का तरीका होता है ताकि कोई भी कम्पयूटर प्रोग्राम,

  • उस सूचना को समझ सके। 
  • उसे आपकी स्क्रीन पर दिखा सके और
  • यदि जरूरत पड़े तो उसमें संशोधन किया जा सके।

कम्पूयटर में अलग-अलग तरह की सूचनाएं अलग-अलग मानक में रखी  जाती हैं। जैसे कि टेक्सट (text),  वीडियो, आडियो, चित्र के लिए अलग अलग मानक है। किसी एक तरह की सूचना को भी रखने के भी कई मानक होते हैं। जैसे आडियो फाइल को mp3 में या ogg मानक  में रखा जा सकता है।  इसके अतिरिक्त भी कई अन्य मानक भी हैं।

मानक अक्सर मालिकाना होते हैं।

  • यह मानक किस तरह से काम करते हैं यह बात गुप्त रखी जाय, तब मानक ट्रेड सीक्रेट की तरह सुरक्षित होता है। एम एस वर्ड अपनी टैक्सट फाइलों को doc मानक में रखता है। यह गुप्त है और ट्रेड सीक्रेट की तरह सुरक्षित है।
  • मानक प्रकाशित होकर भी मालिकाना हो सकता है। इस दशा में वे पेटेंट की तरह सुरक्षित किये जाते  हैं। चित्र भी, कई  तरह के (मानक) में रखे जाते हैं जिसमें एक मानक gif है। यह मानक पेटेंट की तरह सुरक्षित हुआ करता था। यही कारण है कि यह मानक बहुत ज्यादा लोकप्रिय नहीं हो सका।

मुक्त मानक, मालिकाना मानक के विपरीत होते हैं। किसी मानक को  मुक्त होने के लिए कम से कम  निम्न शर्तों को पूरा किया जाना चाहिए। मुक्त मानक को,

  • पूरी  तरह से लिखा और प्रकाशित होना चाहिए। ताकि कोई भी व्यक्ति चाहे तो उसे अपने कम्पयूटर प्रोग्राम में लागू कर सके।
  • सबको हर समय के लिए बिना किसी शर्त, रॉयल्टी या फीस के उपलब्ध होना चाहिए।
  • किसी तटस्थ संस्था के द्वारा लागू किया जाना चाहिए जहाँ पर निर्णय सर्वसम्मत्ति से या बहुमत से हो। ताकि अधिक से अधिक लोगों की जरूरतों को पूरा किया जा सके।

ओपेन डॉक्यूमेन्ट फॉरमैट, एक एक्स.एम.एल. आधारित डॉक्यूमेन्ट फइल फॉरमैट जैसे odt, odp, का  लोगो 

मुक्त मानकों के लिए निम्न उदाहरण है:
  • टेक्सट फाइलों के लिए ASCII, Odt, पर doc मुक्त मानक नहीं हैं।
  • चित्रों के लिए Jpeg 2000, png पर bmp नहीं।
  • आडियो और विडियो फाइलों के लिए ogg, theora पर  mp3 नहीं।
  • प्रस्तुतिकरण के लिए odp पर ppt नहीं,
  • वेब पेज लिखने के लिए html/xhtml, यूनिकोड  (Unicode), लेटेक्स (Latex).

इस श्रंखला की अगली कड़ी में चर्चा करेंगे कि मुक्त मानक क्यों उचित साधन हैं?

मुक्त मानक और वामन की वापसी
भूमिका।। मुक्त मानक क्यों महत्वपूर्ण हैं?।। मुक्त मानक क्या होते हैं?।। मुक्त मान क्यों उचित साधन हैं।। 


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मुक्त मानक क्यों महत्वपूर्ण हैं?

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  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में,
सुन सकते हैं। ऑडियो फाइल पर चटका लगायें फिर या तो डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले। डाउनलोड करने के लिये पेज पर पहुंच कर जहां Download फिर अंग्रेजी में फाइल का नाम लिखा है, वहां चटका लगायें।

महात्मा गाँधी ने एक बार कहा था,
'Means are more important than the end: it is only with the right means that the desired end will follow.'
साधन अंत से ज्यादा महत्वपूर्ण है। यदि साधन ठीक होगें तो ही वांछित अंत मिल सकता है।

एक अच्छे अंत को पाने के लिए, खराब साधन को ठीक नहीं कहा जा सकता है।


उनका दर्शन, कानून का भी मूलभूत सिद्वांत है। लार्ड डैनिंग (Lord Denning) पिछले शताब्दी के सबसे प्रसिद्व न्यायाधीशों में से एक थे। उनका कहना है,
'But it is fundamental in our law that the means that are adopted... should be lawful means. A good end does not justify bad means.' RVS IRC Exparte Rossminster Ltd. 1979 ( 3) AllELR 385.
हमारी न्याय प्रणाली में यह महत्वपूर्ण है कि जो भी साधन प्रयोग में लाये जाएँ वे कानूनी हो। एक अच्छे अंत को पाने के लिए, खराब साधन को ठीक नहीं कहा जा सकता है।

यदि इस बात को हम सूचना प्रधोगिकी के क्षेत्र में देखें तो,
  • इसका अंत है - सबको सूचना को पहुँचाना।
  • साधन हैं कि यह किस तरह से किया जाए। इसमें किस तरह के सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाए, किस तरह के मानक प्रयोग किये जाएँ।

मुक्त सॉफ्टवेयर और मुक्त मानक अच्छे साधन हैं इसलिए इसका प्रयोग करना उचित है और इन्हीं के प्रयोग से हम सूचना प्रधोगिकी के वांछित अंत को पा सकेंगे।

इस श्रंखला की आने वाली कड़ियों पर हम इस पर चर्चा करेंगे कि मुक्त मानक क्यों अच्छे साधन हैं पर इस श्रंखला की अगली कड़ी में चर्चा करेंगे कि मुक्त मानक क्या होते हैं?

मुक्त मानक और वामन की वापसी
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मुक्त मानक और वामन की वापसी: भूमिका

यह चिटठी मुक्त मानक के बारे में मेरी नयी श्रंखला की भूमिका है।

आप सोच रहे होंगे कि 'मुक्त मानक (Open Format) और वामन की वापसी (The Return of Vaman)' क्या है?


इस समय मेरे चिट्ठे पर केवल एक श्रंखला - सिक्किम यात्रा, जो कि यात्रा विवरण है, चल रही है। यह समाप्त हो रही है। मैंने आपको वायदा किया था कि मैं आपको अफ्रीकन सफारी पर ले चलूंगा पर यह भी यात्रा विवरण है। इसलिये मुझे लगा कि क्यों न किसी अन्य विषय पर श्रंखला शुरू करू। यह इस नयी श्रंखला का नाम है।



वामन की वापसी (The Return of Vaman) एक विज्ञान कहानी है।

वामन, राजा बलि से याचना करते हुऐ।


वे बौने रूप में थे। इसे नाते वे वामन कहलाये गये
राजा बलि, प्रह्लाद के पौत्र थे पर उनमें असुर भाव था। इस भाव को नष्ट करने और उसका घमंड चूर करने के लिये भगवान विष्णु ने अवतार लिया। इस अवतार में वे बौने रूप में थे। इसे नाते उनका नाम वामन (Vamana) रखा गया था। यह कथा भगवान के वामन अवतार नाम से जानी जाती है। इस विज्ञान कहानी में उसी कथा का पुट है। इसीलिये इसका नाम वामन की वापसी है।
'पर उन्मुक्त जी, इस विज्ञान कहानी का मुक्त मानक से क्या सम्बन्ध? क्या होगा इस श्रंखला में?'


दोनो में कुछ तो सम्बन्ध है। इसके लिये आपको इंतज़ार करना होगा। हम लोग इस श्रंखला में चर्चा करेंगे,
  • मुक्त मानक क्यों महत्वपूर्ण हैं;
  • यह क्या होते हैं;
  • इनका क्या फायदा है;
  • प्रसिद्ध खगोलशास्त्री जयंत विष्णु नार्लीकर (Jayant Vishnu Narlikar) की लिखी विज्ञान कहानी वामन की वापसी;
  • इन कहानी और मुक्त मानक में क्या सम्बन्ध है।


इस श्रंखला की अगली कड़ी में। हम बात करेंगे कि मुक्त मानक क्यों महत्वपूर्ण हैं।


सिक्किम यात्रा के बाद, हम चलेंगे अफ्रीकन सफारी पर साउथ अफ्रीका।


इस चिट्ठी के दोनो चित्र विकिपीडिया से हैं।


मुक्त मानक और वामन की वापसी
भूमिका।।


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This post is introduction of a new series on 'Open formats'. It is in Hindi (Devnaagaree script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.


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