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ऐसा कोई कंप्यूटर नहीं, जिसे हैक न किया जा सकता हो

इस चिट्ठी में, फिल्म इंडिपैंडेंटस डे (Independence day) और इसका साईबर अपराध से संबन्ध की चर्चा है।
इस चिट्ठी को, सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो दाहिने तरफ का विज़िट, 'मेरे पॉडकास्ट बकबक पर नयी प्रविष्टियां, इसकी फीड, और इसे कैसे सुने' देखें।

इंडिपैंडेंटस डे एक विज्ञान कथा पर आधारित फिल्म है। इसकी कहानी कुछ इस प्रकार है।

दूसरे ग्रह से कुछ प्राणी आते हैं। पृथ्वीवासी उनका स्वागत करते हैं। लेकिन वे लोग पृथ्वी पर आकर, जन-जीवन को नष्ट करने लगते हैं। उनमें से एक प्राणी पकड़ा जाता है तब पता चलता है कि दूसरे ग्रह के निवासी नये, नये ग्रहों पर जाते और वहां के रहने वालें का जीवन समाप्त कर देते हैं। उसके बाद उनकी प्राकृतिक सम्पदा हर कर, दूसरे ग्रह पर चले जाते हैं। इस बात का पता चलते ही यह आवश्यक हो जाता है कि किसी तरह इनको समाप्त किया जाए।

जब दूसरे ग्रह से आयी उड़नतश्तरियों पर आक्रमण किया जाता है तब वह विफल हो जाता है। उनके चारो तरफ एक सुरक्षात्मक ढ़ाल थी जिसके अन्दर पृथ्वीवासियों के  बम  नहीं जा पा रहे थे। 


इस ढ़ाल को भेदने के लिये, उनकी मुख्य उड़नतश्तरी के कंप्यूटर में एक वायरस भेजा जाता है। इसके कारण उनकी सुरक्षात्मक ढ़ाल में एक छेद हो जाता है। उस छेद से, एक हवाई जहाज, मुख्य उड़नतश्तरी  के अंदर जाता है और उसमें एक परमाणु बम  रख कर बाहर आ जाता है। परमाणु बम के फटने के बाद, न केवल मुख्य उड़नतश्तरी समाप्त  हो जाता है पर बाकी  उड़नतश्तरियों के चारो तरफ की सुरक्षात्मक ढ़ाल भी समाप्त हो जाती है। इसके बाद उन्हें  समाप्त करने में कोई मुश्किल नहीं होती है। इस तरह से पृथ्वीवासियों की जीत होती है।

इस फिल्म में भी, कोर्ट गर्डल के अपूर्णता के सिद्वान्त का बाखूबी से प्रयोग किया गया है। दूसरे ग्रह के प्राणी  पृथ्वीवासी से अधिक प्रगतिशील थे। उनके कंप्यूटर भी अच्छे थे। उसके बावजूद, वे उस पर वायरस जाने से नहीं रोक सके।

'इंडिपेन्डेन्स डे' फिल्म का चित्र विकिपीडिया से

गर्डल के अपूर्णता सिद्वान्त का विस्तार व्यापक है। इसका एक अर्थ यह भी है कि दुनिया में कोई ऎसा किला नही है जो फतेह न किया जा सके और दुनिया में ऎसा कोई कंपूयटर नहीं है जिसमें अनाधिकृत प्रवेश (hack) न किया जा सके। इसी बात का प्रयोग इंडिपैंडेंटस डे फिल्म में किया गया है।

कहने का अर्थ यह है कि आप तकनीक की दृष्टि से अपने कंप्यूटर को जितना भी सुरक्षित कर लें, उसे हमेशा भेदा जा सकता है। कंप्यूटर में हैकिंग को केवल तकनीक के द्वारा नहीं रोका जा सकता है इसके लिए जरूरी है कि गलत काम को रोकने के लिए कानून बनाया जाए। इसलिए दुनिया में साइबर कानून है। इसके पहले साइबर अपराध पर नज़र डाले कुछ बातें साइबर कानून के बारे में।


इस फिल्म का ट्रेलर देखिये और आनन्द लीजिये।


तू डाल डाल, मैं पात पात







About this post in Hindi-Roman and English  is chitthi mein independence day film kee sameeksha aur  iska cyber apradh ke sambandh ki  charahaa hai. yeh chitthi {devanaagaree script (lipi)} me hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post is review of the film 'Independence Day' and explains its  connection with cybercrime and Godel incomleteness theorem. It is in Hindi (Devnagri script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script. 

सांकेतिक शब्द
Hindi, पॉडकास्ट, podcast,

आज, मुझसे शादी करोगी

इस चिट्ठी में डगलस ऐडम्स् की पुस्तक 'द हिचहाइकरस् गाइड टू द गैलैक्सी' की चर्चा के साथ आज की तारीख का सम्बन्ध बताया गया है।
'उन्मुक्त जी, शादी की शुभकामनायें।'
अरे भाई, घर से निकलवाइयेगा क्या।  मैं थोड़ी शादी करने जा रहा हूं पर आज बहुत से लोग शादी कर रहे हैं।
'उन्मुक्त जी, ऐसा क्या खास है आज के दिन।' 
कुछ जगहों में, कुछ समुदायों में, इतवार के दिन ही शादी की जाती है। पिछले साल इतवार ११ अक्टूबर को था। इस साल यह आज दस तारीख को है। लेकिन इस साल इतवार में शादी करने वाले लोग लगभग तीन गुने हैं। इसमें बहुत से कंप्यूटर और विज्ञान से जुड़े लोग भी हैं। और आज का दिन उनके लिये खास है। 
'उन्मुक्त जी, होगा क्या। यह लोग अंक विद्या में विश्वास करते होंगे। उसके हिसाब से आज का दिन शुभ होगा बस। लेकिन आपने ४२ संख्या क्यों लिख रखी है?'
मेरे विचार से अंक विद्या में कोई तथ्य नहीं। यह केवल अन्धविश्वास है - टोने टुटके की तरह। कंप्युटर या विज्ञान से संबन्धित लोग इस पर विश्वास नहीं करते हैं। लेकिन इसका कारण कुछ और है जिसका संबन्ध ४२ से है। 
'अरे, तो फिर जल्दी बताईये वह क्या है?'
सब्र कीजिये। इस संख्या का महत्व तो  आपको इस चिट्ठी के अन्त में पता चलेगा। पहले कुछ बाते अंक विद्या के बारे में। 

मैंने अपनी श्रृंखला 'ज्योतिष, अंक विद्या, हस्तरेखा विद्या, और टोने-टुटके' लिखते समय, दो चिट्ठियां  अंक विद्या, डैमियन - शैतान का बच्चा लिख कर उस फिल्म-श्रृंखला की चर्चा की थी जिसमें इस अंक विद्या को महत्व दिया गया था। इसके बाद इसकी कड़ी अंक लिखने का इतिहास में, इसके गलत तरीके से विकास और लोकप्रिय होने का कारण बताया था। यदि आप इसे पढ़ेंगे तो पायेंगे कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है।

इस श्रृंखला को मैंने एक जगह सम्पादित कर लेख चिट्ठे ज्योतिष, अंक विद्या, हस्तरेखा विद्या, और टोने-टुटके नाम की चिट्ठी पर रखा है। इस पर मुझे अक्सर सीमा के बाहर टिप्पणियां भी झेलनी पड़ती हैं। अंततः मैंने दो अन्य चिट्ठियां, ज्योतिष, अंक विद्या, हस्तरेखा विद्या, और टोने-टुटके, श्रृंखला किसी को दुख देने के लिये नहीं लिखी तथा ज्योतिष, और अंक विद्या, हस्तरेखा विद्या, और टोने-टुटके’ श्रृंखला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिये लिखी, लिख कर बताया कि मैंने यह श्रृंखला क्यों लिखीं थी लेकिन मेरे लेख चिट्ठे पर अभद्र टिप्पणियों का आना बन्द नहीं हुआ।

यह  चिट्ठी भी, मैंने किसी को दुख देने के लिये नहीं, लेकिन एक प्रसिद्ध विज्ञान कहानी संग्रह और उसका आज की तारीख से संबन्ध बताने के लिये लिखी है।

आज तारीख है १०.१०.१० - यह कुछ असमान्य सी तारीख है। जैसे २००९ की ९ सितंबर (०९०९०९) या २००८ की ८ अगस्त (०८०८०८)। बस इसलिये यह कुछ अजीबो-गरीब है।
'उन्मुक्त जी, क्या बस इसीलिये कंप्यूटर और विज्ञान वाले इस दिन शादी कर रहे हैं।'
नहीं, इसका कारण कुछ और ही है।

मैंने कुछ समय पहले 'नारद जी की छड़ी और शतरंज का जादू’ नामक श्रृंखला कई कड़ियों में प्रकाशित की। इसके बाद इसे सम्पादित कर २ की पॉवर के अंक, पहेलियां, और कमप्यूटर विज्ञान नाम से लेख चिट्ठे पर रखा। इसकी भूमिका और २ की पावर और कंप्यूटर विज्ञान और श्रृंखला का निष्कर्ष में बाईनरी सिस्टम की चर्चा की है। 

कंप्यूटर बाईनरी सिस्टम ही समझते हैं। यदि आज की तारीख १०१०१० को हम बाईनरी सिस्टम में लिखा माने और उसे डेसीमल सिस्टम, जिसमें हम काम करते हैं, में बदलें, तो यह २^५+०+२^३+०+२^१+० यानि कि ४२ के बराबर होगा। यहां ^ का अर्थ है पॉवर। २^५ का मतलब हुआ २ की पॉवर ५ यानी २x२x२x२x२ या ३२
'उन्मुक्त जी, आपको कुछ नहीं मालुम। अंक विद्या के अनुसार ४२ संख्या तो ६ के बराबर है। यह अंक महत्वपूर्ण है। इसी लिये यह लोग आज शादी कर रहें हैं, ठीक है न।'
डगलस ऐडम्स्
यह सच नहीं है। यह संख्या (४२) विज्ञान कहानी प्रेमियों के लिये महत्वपूर्ण है। उनके लिये यह खास नम्बर है।

डगलस ऐडम्स् एक अंग्रेजी लेखक हैं। १९७८ में उन्होंने बीबीसी की चैनल-४ में रेडियो प्रोग्राम की श्रृंखला की थी। बाद में वह पुस्तकों के रूप में लिखी गयीं। उन्होंने ५ पुस्तकें लिखीं थीं। छटवीं लिखने के पहले उनकी मृत्यु हो गयी। बाद में छटी पुस्तक ओवेन कोल्फर ने लिखी। 

पहले प्रकाशन पर पुस्तक का कवर
विज्ञान कहानियों की यह श्रृंखला, 'द हिचहाइकरस् गाइड टू द गैलैक्सी' के नाम से जानी जाती है। यह बाद में एच२जी२ (H2g2) के नाम से भी प्रसिद्ध है। १९८१ में इस पर टीवी श्रृंखला और डीसी कॉमिक्स ने पहली तीन उपन्यास में कॉमिक्स भी निकाली।

क्या आप जानते हैं कि इसकी सबसे महत्वपूर्ण पंक्ति  क्या है। नहीं मालुम न, चलिये मैं बताता हूं। 
 
इसके प्रथम उपन्यास में, ब्रह्माण्ड के अत्यंत बुद्धिमान प्राणीगण जीवन का क्या मतलब है जानने के लिये अपने दो सबसे प्रबुद्ध प्राणियों को सुपर कंप्यूटर से अंतिम सवाल का, आखरी जवाब जानना के लिये नियुक्त करते हैं। कंप्यूटर उन्हें, ७५ लाख साल के बाद आने को कहता है। उस समय उसका जवाब होता है - ४२।  
'उन्मुक्त जी, समझ में नहीं आया। वह आखरी सवाल क्या था। जिसका जवाब ४२ था।'
वह सवाल क्या था यह किसी को नहीं मालुम, बस जवाब ही मालुम है :-) 
पहली कॉमिक का कवर

जब सुपर कंप्यूटर से पूछा जाता है कि आखरी सवाल क्या था, तब वह बताता है कि उसे उसका सवाल नहीं मालुम। लेकिन वह उससे भी अधिक शक्तिशाली कंप्यूटर (पृथ्वी) को बना सकता है। जिसके पास इसका जवाब हो। उसमें उन सब को, आदि-प्राणी की तरह जाना होगा। एक करोड़ साल बाद उसका जवाब मिल सकेगा। लेकिन जब उसका जवाब मिलने की बात होती है तब उसके ठीक ५ मिनट पहले पृथ्वी नष्ट हो जाती है।

वास्तव में, यह संख्या ४२ मज़ाक ही है। लेकिन इसे इस तरह देखें कि जिस दिन हमें आखरी सवाल और उसका जवाब मालुम चल जायगा। उस दिन हम इस ब्रह्माणड को जान लेंगे। फिर जीने का उद्देश्य ही समाप्त हो जायगा। वह जीवन का अन्त होगा।
'उन्मुक्त जी, कहानी तो कुछ रोचक लग रही है। क्या कुछ और प्रकाश डालेंगें।' 
आपको ही नहीं, यह बहुतों को रोचक लगती है। यही कारण है कि यह बीसवीं शताब्दी के अन्तिम चतुर्थांश की सबसे प्रसिद्ध विज्ञान कहानियों में से है। इसी लिये ४२ संख्या बहुत से विज्ञान कहानी प्रेमियों को भाती है। यही कारण है कि वे लोग इस दिन शादी कर रहे हैं। जहां तक इसकी कहानी की बात है वह तो अरविन्द मिश्रा जी से ही पूछिये। याहू पर साइंस फिक्शन ग्रुप वह चलातें हैं कि मैं :-)  

न तो मैं आज शादी कर रहा हूं न ही मेरी शादी आज हुई थी। मेरी शादी को तो जमाना गुजर गया। आज मेरी एक प्रिय भान्जी का जन्मदिन है। मैंने उसी के लिये यह चिट्ठी लिखी है।

इस पर फिल्म भी बनी यदि आप इसका वह भाग देखना चाहते हों, जहां पर कंप्यूटर सवाल का जवाब दे रहा है
तब नीचे देखें।
सुनने के लिये चिन्ह शीर्षक के बाद लगे चिन्ह ► पर चटका लगायें यह आपको इस फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम अंग्रेजी में लिखा है वहां चटका लगायें।:
Click on the symbol ► after the heading. This will take you to the page where file is. his will take you to the page where file is. Click where ‘Download’ and there after name of the file is written.)
यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो दाहिने तरफ का विज़िट,
'मेरे पॉडकास्ट बकबक पर नयी प्रविष्टियां, इसकी फीड, और इसे कैसे सुने'

About this post in Hindi-Roman and English  
is chitthi mein Douglas Adams kee likhi pustak  'The Hitchhiker's Guide to the Galaxy' kee charchaa ke saath aaj ke tareekh ke smbandh ke sameeksha hai. yeh chitthi {devanaagaree script (lipi)} me hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post is book review of 'The Hitchhiker's Guide to the Galaxy' by Douglas Adams talks about its connection with today's date. It is in Hindi (Devnagri script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script. 

सांकेतिक शब्द
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भाषायें लुप्त हो जाती हैं - गणित के सिद्घान्त नहीं

इस चिट्ठी में, एयोस्टोलोस डॉक्सिएडिस द्वारा लिखित उपन्यास, 'अंकल पेट्रोस एण्ड गोल्डबाकस् कंजेक्चर' की चर्चा है।
इस चिट्ठी को, सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो दाहिने तरफ का विज़िट, 'मेरे पॉडकास्ट बकबक पर नयी प्रविष्टियां, इसकी फीड, और इसे कैसे सुने' देखें।


गोल्डबाक  १८वीं शताब्दी के गणितज्ञ थे। ७ जून १७४२ को उन्होंने जर्मन गणितज्ञ ल्योन्हार्ड ऑयला को पत्र लिखा कि उन्होंने यह पाया है कि दो से बड़ी, दो से विभाज्य होने वाली संख्या (even number), हमेशा दो अभाज्य संख्या (Prime) का जोड़ है। अब इसे उन्हीं के नाम पर, गोल्डबाक  अनुमान के नाम से जाना जाता है। यह नम्बर थ्योरी की सबसे पुराने अनुत्तरित प्रश्नों में से है। यह न तो अभी तक सही और न ही गलत सिद्घ हो पाया है।


उपन्यास 'अंकल पेट्रोस एण्ड गोल्डबाकस् कंजेक्च' की कहानी, गोल्डबाक अनुमान और कोर्ट गर्डल के अपूर्णनता सिद्घान्त के इर्द गिर्द घूमती है। यह मूलत: १९९२ में ग्रीक भाषा में लिखा उपन्यास है। वर्ष २००० में, इसे  फेबर एण्ड फेबर द्वारा अंग्रेजी में प्रकाशित किया गया। इसके प्रकाशकों ने इसकी बिक्री बढाने के लिये १० लाख डालर का पुरस्कार देने कि घोषणा की जो  इस पुस्तक के प्रकाशित होने के दो साल के अन्दर गोल्डबाक अनुमान को सही या गलत सिद्घ करे दे। यह बताने के जरूरत नहीं है कि कोई भी इस पुरस्कार को नहीं जीत सका।

यह कहानी है एक चाचा और भतीजे की। चाचा को उसके परिवार के लोग नाकामयाब व्यक्ति मानते हैं। चाचा अकेले रहना पसन्द करते हैं, किसी से मिलते नहीं हैं। भतीजे ने गणित में शिक्षा ली है और उसे पता चलता है कि उसके चाचा विलक्षण प्रतिभा के युवक थे। बाद में वे विश्वविद्यालय में सबसे कम उम्र में गणित के प्रोफेसर बने और लोग उनको इज्जत और सम्मान से देखते हैं। फिर ऎसा क्या हो गया कि उसके परिवार वाले उन्हें नाकामयाब मानते हैं।
चाचा, गोल्डबाक अनुमान को सिद्ध करना चाहते हैं और इसी में जीवन लगा देते हैं। लेकिन यह तो अनुत्तरित प्रश्न ही रहा। यही इसकी कहानी है जो कि गणित की लघुकथायें, किस्से, और घटनायें पर बुनी हैं। यह कहानी तो काल्पनिक है पर उसमें लिखी लघुकथायें, किस्से, और घटनायें सच हैं। यह बेहद रोचक पुस्तक है और गणित जैसे नीरस विषय पर रोमांच पैदा करती है। यह पुस्तक जी. एच. हार्डी की उत्कृष्ट रचना 'ए मैथमैटीशियनस् अपॉलोजी' के इस उद्घारण से शुरू होती है।
'Archimedes will be remembered when Aeschylus is forgotten because languages die and Mathematical ideas do not. Immortality may be a silly word but properly a mathematician  has the best chance of whatever it may mean'
लोग एस्काइलस् (ग्रीक नाटककार) को भूल जायेंगे पर आर्कमडीज़ को हमेशा याद रखेंगे।  क्योंकि, भाषायें लुप्त हो जाती हैं लेकिन गणित के सिद्घान्त समाप्त नहीं होते हैं। शायद अमरत्व बेवकूफी है। लेकिन यह जो कुछ भी है उसे पाने के लिये गणितज्ञ की ही संभावना सबसे अधिक है।
नम्बरों की बात हो और रामानुजम की बात न हो—यह तो हो नहीं सकता। इस पुस्तक में रामानुजम की भी चर्चा है और हार्डी-रामनुजम के टैक्सी नम्बर किस्से की भी।
इस पुस्तक में गर्डल के अपूर्णनता का सिद्घान्त का भी प्रयोग है लेकिन यह कैसे है और इस कहानी का क्या अंत है यह तो मैं आपको बताने से रहा। आपका इस पुस्तक को पढ़ने का रोमांच समाप्त कर,  मैं आपका मजा थोड़े ही किरकिरा करना चाहता हूं। आप इस पुस्तक को पढ़ें और आनन्द लें। यह आपको आसानी से समझ में आयेगी। अपने बेटे और बेटियों को अवश्य पढ़ने के लिये दें।

मैंने इस श्रंखला की भूमिका में, इंडिपैंडेंटस डे (Independence day) फिल्म का चित्र प्रयोग किया था। उसका साईबर अपराध से कैसे संबन्ध है यह अगली बार।

जी. एच. हार्डी (GH Hardy) की पुस्तक 'ए मैथमैटीशियनस् अपॉलोजी'  (A Mathematician's Apology) उत्कृष्ट रचना मानी जाती है। यदि आपने इसे नहीं पढ़ा है तो अवश्य पढ़ें। यह अन्तरजाल पर यहां पर उपलब्ध है। 
 
तू डाल डाल, मैं पात पात
 

About this post in Hindi-Roman and English  is chitthi mein Apostolos Doxiadis kee likhi pustak  'Uncle Petros and  Goldbach's Conjecture,' kee sameeksha hai. yeh chitthi {devanaagaree script (lipi)} me hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.
This post is book review of 'Uncle Petros and  Goldbach's Conjecture,' by Apostolos Doxiadis. It is in Hindi (Devnagri script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script. 

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जयंत विष्णु नार्लीकर की विज्ञान कहानी - वामन की वापसी

मुक्त मानक और 'वामन की वापसी' श्रंखला की यह कड़ी 'वामन की वापसी' विज्ञान कहानी की समीक्षा है। इसे आप रोमन या किसी और भारतीय लिपि में पढ़ सकते हैं। इसके लिये दाहिने तरफ ऊपर के विज़िट को देखें।
इसे आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,
  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में,
सुन सकते हैं। ऑडियो फाइल पर चटका लगायें फिर या तो डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले। डाउनलोड करने के लिये पेज पर पहुंच कर जहां Download फिर फाईल का नाम लिखा है, वहां चटका लगायें।


पंचतत्र की एक कहानी कछुआ और खरगोश के बीच हुई रेस के बारे में है। आधुनिक युग में, इस कहानी में कुछ जोड़ा गया है। मैंने इस कुछ दिन पहले इसी चिट्ठे पर लिखा था। इसके द्वारा मैंने ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर के महत्व को बताने का प्रयत्न किया था। लेकिन मुक्त मानक का महत्व बताने के लिए मैं एक दूसरी कहानी 'वामन की वापसी' (The Return of Vaman) के बारे में चर्चा करना चाहूंगा। यह प्रसिद्व खगोलशास्त्री जयंत विष्णु नार्लीकर (Jayant Vishnu Narlikar) के द्वारा लिखी एक विज्ञान कहानी है।


यह कहानी तीन व्यक्तियों के इर्द-गिर्द घूमती है।
  • भौतिक शास्त्री,
  • कम्यूटर वैज्ञानिक, और
  • पुरातत्ववेता
भौतिक शास्त्री, गुरूत्वाकर्षण के बारे में प्रयोग करना चाहता था इसके लिए उसे गहरा गड़ढा खोदना था। यह गड्ढा खोदते समय उन्हें एक प्लेट मिलती है जिसमें कुछ लिखा हुआ है पर वे समझ नहीं पाते हैं कि उसमें क्या लिखा है क्योंकि लोग उसकी लिपि पढ़ने में असमर्थ हैं।


नीचे और खोदने पर एक घन मिलता है। घन पर तरह-तरह के चित्र बने हुए हैं। ये चित्र कुछ अजीब से हैं। प्लेट और घन दोनों एक अनजाने पदार्थ के द्वारा बने हुए हैं। जिससे उन्हें यह लगता है कि वास्तव में यह किसी उन्नत सभ्यता के द्वारा वहाँ रखे गये हैं।


लोगों के समझ में नहीं आता है कि घन को कैसे खोला जाए। लेकिन घन पर बने चित्रों में एक चित्र में दो हाथी घन को विपरीत दिशा से खींच रहे होते हैं पर उसके बाद भी वे हाथी उसे खोलने में असमर्थ दिखते हैं। यह चित्र देखकर उन्हें १७वीं शताब्दी के जर्मन वैज्ञानिक आटो वान ग्यूरिक के द्वारा किये गये एक प्रयोग का ख्याल आता है। उसने दो ताँबें के ५१ सेमी. व्यास के अर्द्व गोलों, को आपस में जोड़कर उसके अंदर की हवा को बाहर निकाल दी थी। इसके बाद दोनो तरफ आठ-आठ घोड़ों के खींचने पर भी वे अलग नहीं हुए थे। ग्यूरिक, इससे हवा के दबाव का महत्व बताना चाहते थे। इस प्रयोग को याद आते ही उन्हें लगा कि शायद इस घन के अंदर से भी हवा निकाल दी गई हो। वे घन पर एक पतला से छेद करते हैं जिससे हवा अंदर चली जाती है और वह घन तुरन्त खुल जाता है।


यह घन एक तरह का टाइम कैपसूल है जिसमें उस उन्नत सभ्यता के बारे में बातें थी। इस सभ्यता के लोग, कोई बीस हजार वर्ष पूर्व पृथ्वी पर रहते थे। कैपसूल के अन्दर यह बताया गया था कि किस तरह से एक खास तरह का आधुनिक कम्पयूटर बनाया जा सकता है। वे उस कम्पयूटर को बनाते हैं और उसका नाम गुरू रखते हैं। यह कम्पयूटर उन्हें एक मीटर ऊचां रोबोट बनाने का तरीका बताता है। यह रोबोट बौना है इसलिए इसका नाम वामन रखा जाता है।


वामन कोई साधारण रोबोट नही हैं वह एक अत्यंत आधुनिक किस्म का रोबोट है। इस तरह के रोबोट की कल्पना आइज़ेक एसीमोव (Isaac Asimov) ने बाईसेन्टीनियल मैन (The Bicentennial man) नामक विज्ञान कहानी में की थी। इस कहानी में, उस रोबोट का नाम एंड्रयूज़ था। एसीमोव ने, बाद में इस कहानी को पॉस्ट्रॉनिक मैन (Positronic Man) नामक उपन्यास में बदल दिया। इसी के आधार पर बाईसेन्टीनियल मैन (Bicentennial Man) नामक फिल्म भी बनी है।

इस फिल्म का ट्रेलर आप देखें। फिल्म की कहानी, मूल कहानी से बदल दी गयी है और फिल्म में यह एक प्यारी सी प्रेम कहानी है जहां एक रोबॉट प्रेम के कारण मानव (नश्वर) बनता है। यदि आपने इसे नहीं देखा है तो देखें।

वामन बुद्विमान रोबोट है और उसमें स्वतन्त्र निर्णय लेने की क्षमता है। वह मुश्किलों को समझता है और उसका ठीक निर्णय भी लेता है। वामन अपने बनाने वालों से इस बात की प्रार्थना करता है कि उसे बताया जाए कि वह कैसे अपनी तरह के और रोबोट बना सकता है ताकि मानव जाति की सेवा की जा सके। यह पता नही चलता था कि उस उन्नत सभ्यता का क्या हुआ इसलिए भौतिक शास्त्री और कम्पयूटर वैज्ञानिक उसे यह विधि नहीं सिखाते हैं। वामन अपने आप को दूसरों से चोरी, इस वायदे पर करवाता है कि वे लोग उसे और वामन बनाने का तरीका सिखा देगें।

एक ऎसी जगह जहाँ काम न करना पड़े, आराम ही आराम हो , स्वर्ग हो, जीवन का अंत है।


आधुनिक सभ्यता के समाप्त होने का कारण प्लेट पर लिखा था पर चूंकि कोई उसकी लिपि नही पढ़ पा रहा था इसलिए यह पता नही चल पा रहा था। अंत में पुरातत्ववेत्ता लिपि को पढ़ने में सफल हो जाता है जिससे पता चलता है कि जब वामन को अपने जैसा वामन बनाने की विधि मालूम होती है और बहुत से वामन बन जाते हैं तो वे मानव जाति का सारा काम अपने हाथ में लेते हैं । एक दिन वे काम करना बंद कर देते है। तब तक वह उन्नत सभ्यता इतनी अभ्यस्त हो चुकी थी कि वह अपने आप के चला नहीं पायी। सच है,
'Utopia, if there is one, is end of life.'
एक ऎसी जगह जहाँ काम न करना पड़े, आराम ही आराम हो , स्वर्ग हो, जीवन का अंत है।
सभ्यता का अंत पता चलने के बाद, यह बहुत जरूरी हो गया कि वामन को समाप्त किया जाए ताकि वह दूसरे वामन न बना सके। वह सभ्यता वामन को भी समाप्त कर देती है। यह सब कैसे होता है यही है इस कहानी में है।

मुक्त मानक और वामन की वापसी
भूमिका।। मुक्त मानक क्यों महत्वपूर्ण हैं?।। मुक्त मानक क्या होते हैं?।। मुक्त मानक क्यों उचित साधन हैं।। जयंत विष्णु नार्लीकर की विज्ञान कहानी -वामन की वापसी।। 'वामन की वापसी' विज्ञान कहानी का मुक्त मानक से सम्बंध


is post per Jayan Vishnu Narlikar ke dvaara likhee 'vaman ki vaapsi' vigyaan khaani ki smeeksha hai. yeh hindi (devnagree) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post is review of the science fiction 'The Return of Vaman by Jayan Vishnu Narlikar. It is in Hindi (Devnaagaree script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.


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वह तारा

बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियां श्रंखला की इस कड़ी में आर्थर सी कलार्क (Arthur C. Clarke) की लिखी विज्ञान कहानी द स्टार (The Star) नामक कहानी की समीक्षा है। इसे आप रोमन या किसी और भारतीय लिपि में पढ़ सकते हैं। इसके लिये दाहिने तरफ ऊपर के विज़िट को देखें।

इसे आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,

  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में,
सुन सकते हैं। ऑडियो फाइल पर चटका लगायें फिर या तो डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले। डाउनलोड करने के लिये पेज पर पहुंच कर जहां Download फिर अंग्रेजी में फाइल का नाम लिखा है, वहां चटका लगायें।

आर्थर सी कलार्क - चुत्र विकिपीडिया से
'द स्टार' एक बेहतरीन कहानी है और १९५६ में इसे विज्ञान की छोटी कहानियों के लिये ह्यूगो पुरूस्कार भी मिला है। इसे आर्थर सी कलार्क ने लिखा है।

यह कहानी है डा. शैंडलर (Dr. chandler) के मनः स्थिति की। वे एक खगोलशास्त्री हैं और पादरी भी। वे फीनिक्स नेब्यूला में स्थित अधिनव तारे (supernova) के बारे में जानकारी लेने गये थे। लौटते समय, वे दुविधा में हैं, उनका विश्वास डगमगा रहा है, क्या विचार चल रहें हैं उनके मन में - द स्टार (The star) उसी की कहानी है। यह कहानी है । वहां, जो उन्होंने देखा, क्या वह सच, सच रिकॉर्ड करें अथवा नहीं। क्या देखा था उन्होंने ऐसा वहां?


इस कहानी को अंग्रेजी में आप यहां पढ़ वा यहां सुन सकते हैं - यह बताने के लिये टिंकू जी को धन्यवाद।


डा. शैंडलर जब वहां पहुंचे तो पता चला कि अधिनव तारे का अपना सौर मंडल था। उसका ग्रह पृथ्वी जैसा था। उसमें हमारी जैसी सभ्यता पनपती थी, वहां के रहने वाले लोग अच्छे थे। लेकिन, अधिनव तारे के कारण, वे सब, उनकी सभ्यता नष्ट हो गयी। इन लोगों को मालुम था कि वे सब मर जायेगें बचेगें नहीं उन्होंने अपने बारे में सब कुछ एक तिजोरी में रख दिया था ताकि यदि कभी कोई आये तो उसे उनके बारे में उनकी सभ्यता के बारे में पता चल सके। उनका जीवन, उनकी सभ्यता यूं ही गर्त में न खो जाये।


लेकिन खगोलशास्त्री पादरी का विश्वास क्यों डगमगाने लगा?


अभिनव तारे अन्त समय में बहुत तेज चमकने लगते हैं और वे सबसे अलग दिखते हैं। इस अभिनव तारे की रोशनी उस समय पृथ्वी पर पहुंची जब ईसा का जन्म हुआ था। यह वही तारा है जो बेथलेहम पर चमका था। इसी ने तीन राजाओं को रास्ता दिखाया था। इस कहानी की अन्तिम पंक्तियां कुछ इस प्रकार से हैं जो उसकी दुविधा का वर्णन करती हैं।
'There can be no reasonable doubt: the ancient mystery is solved at last. Yet―O God, there were so many stars you could have used.
What was the need to give these people to the fire, that the symbol of their passing might shine above Bethlehem?'
इसमें कोई शक नहीं कि पुराना रहस्य का हल मिल गया। हे ईश्वर इतने सारे थे जिनमें से किसी एक को तुम ले सकते थे।
क्या जरूरत थी इतने अच्छे लोगो को तुमने इसलिये आग में झोंक दिया कि उनकी मृत्यु बेथलेहम के उपर चमक सके।

टीवी श्रृंखला का दृश्य - विकिपीडिया से
इस कहानी पर द न्यू ट्वीलाइट ज़ोन (The New Twilight zone) टीवी श्रृंखला पर एक कड़ी बनी है। इस कहानी का अन्त दुखद है पर इस इस टीवी श्रृंखला की कड़ी में अन्त सुखद है। उस ग्रह के लोग खुशी मनाते है कि उनकी मृत्यु किसी नयी सभ्यता को रोशनी दिखायेगी।

इस श्रंखला अगली और अन्तिम कड़ी में चर्चा करेंगे कि क्या वह तारा वास्तव में अधिनव तारा था यदि नहीं, तो फिर क्या था?


बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियां
भूमिका।। प्रभू ईसा का जन्म बेथलेहम में क्यों हुआ?।। क्रिस्मस को बड़ा दिन क्यों कहा जाता है।। क्या ईसा मसीह सिल्क रूट से भारत आये थे।। बेथलेहम का तारा क्या था।। बेथलेहम का तारा उल्कापिंड या ग्रहिका नहीं हो सकता।। पिंडों के पृथ्वी से टक्कर के कारण बने प्रसिद्ध गड्ढ़े।। विज्ञान कहानियां क्या होती हैं और उनका मूलभूत सिद्धान्त।। विज्ञान कहानियों पर पुरुस्कार।। उल्का, छुद्र ग्रह, पृथ्वी पर आधारित विज्ञान कहानियां और फिल्में।। धूमकेतु या पुच्छल तारा क्या होते हैं।। हैली धूमकेतु।। पुच्छल तारों पर लिखी विज्ञान कहानियां।। बेथलेहम का तारा - ग्रह पास आ गये थे।। ग्रहण पर आधारित कहानियां।। जब रात हुई।। तारे, उनका वर्गीकरण, और वे क्यों चमकते हैं।। तारों का अन्त कैसे होता है।। वह तारा।।



is post mein Arthur C. Clarke kee likhee kahaanee 'The Star' kee smeeksha hai. yeh hindi (devnagree) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.
This post reviews the science fiction story 'The Star ' written by Arthur C. Clarke. It is in Hindi (Devnaagaree script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.



सांकेतिक शब्द
star, तारे,

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जब रात हुई

बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियां श्रंखला कि इस चिट्ठी में 'Nightfall' नामक कहानी की समीक्षा है। इसे आप रोमन या किसी और भारतीय लिपि में पढ़ सकते हैं। इसके लिये दाहिने तरफ ऊपर के विज़िट को देखें।

इसे आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,
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  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
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सुन सकते हैं। ऑडियो फाइल पर चटका लगायें फिर या तो डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले। डाउनलोड करने के लिये पेज पर पहुंच कर जहां Download फिर अंग्रेजी में फाइल का नाम लिखा है, वहां चटका लगायें।


एमरसन (Ralpho Waldo Emerson) ने कहा है,
'If the stars should appear one night in a thousand years, how would would men believe and adore, and preserve for many generation the remembrance of the city of God'
यदि हजार साल में एक बार तारे दिखायी पड़ें, तो भगवान के इस अदभुत दृश्य को लोग कैसे विश्वास करेगें, किस तरह से याद रखेगें।
'जब रात हुई' (Nightfall) (नाइटफॉल) कहानी, इसी उद्घरण से प्रेरित है।


यह कहानी, सूर्य ग्रहण पर आधारित कहानी है और ग्रहण पर आधारित सबसे प्रसिद्व कहानी है । इस कहानी को आइसेक एसीमोव (Issac Asimov) ने १९४१ जब वे केवल २१ साल के थे, तब लिखा था।


१९६८ में, अमेरिका के विज्ञान कहानी लेखकों ने इस कहानी को नेब्युला पुरूस्कार (Nebula Award) आने के पहले (१९६५) लिखी गयी विज्ञान कहानियों में सर्वश्रेष्ठ कहानी माना। १९९० में एसीमोव ने रॉबर्ट सिलवरबर्ग (Robert Silverberg) के साथ इस कहानी को बढ़ा कर उपन्यास का रूप दिया।


इसकी कहानी कुछ इस प्रकार की है कि पृथ्वी से दूर ब्रम्हाण्ड में, स्थित एक तारों के समूह में छ: सूर्य है। इसलिये उसके ग्रह में कभी रात नहीं होती है। इस कारण वहां के लोग रात के तारे नहीं देख पाते हैं। वहां के लोगों का इस बात का सबूत मिलता है कि उस ग्रह की सभ्यता कई बार नष्ट हो चुकी है। वे इसका कारण जानने का प्रयत्न करते हैं।

एक खगोलशास्त्री यह पता लगाता है कि हजारों साल में एक बार ऎसा होता है कि छ: सूर्यों में एक साथ ग्रहण लगता है और रात हो जाती है। वह अगली बार सूर्य ग्रहण का समय भी बाताता है, जो कि नज़दीक है और लोगों को आगाह करता है पर उसकी बात पर कोई विश्वास नहीं करता है। कहानी का अन्त कुछ इस प्रकार होता है कि ग्रहण लगना शुरू हो रहा है, तारे दिखायी पड़ने लग रहे हैं और लोग ... अब यह जानने के लिये तो आपको इस कहानी को पढ़ना पड़ेगा।


अंग्रेजी में, इस कहानी को आप यहां सुन सकते हैं।

यह कहानी सबसे पहले ' एस्टाउंडिगं स्टोरीस्' (Astounding stories) में 1941 प्रकाशित हुई। इस पत्रिका का अब नाम Analog Science Fiction and Fact हो गया है। मैंने इस कहानी को Nightfall One नामक पुस्तक (Granda Publishing Limited) में पढ़ी थी। इस पुस्तक में एसीमोव की पांच कहानियां हैं। इसके बाद, इसी प्रकाशक ने, Nightfall two नामक पुस्तक भी प्रकाशित की। इसमें एसीमोव की अन्य पंद्रह विज्ञान कहानियां हैं। मुझे यह कहानियां कुछ डरावनी सी लगीं, कुछ निराश भी पर इसका अर्थ यह नहीं कि यह पढ़ने योग्य नहीं हैं। आपने नहीं पढ़ी हैं तो जरूर पढ़ें, अपने मुन्ने मन्नी को पढ़ने के लिये भेंट करें - शायद वे कल हमारे रमन, हमारे आइंस्टाईन बने।



इसके पहले हम लोग चर्चा करें कि क्या बेथलेहम का तारा किसी प्रकार का तारा था - हम लोग बात करें तारों के बारे में - मैं हिन्दी जगत के जाने माने चिट्ठाकार के उस सवाल का जवाब देना चाहूंगा जो उसने एक अन्य प्रसिद्ध हिन्दी चिट्टाकार की चिट्ठी पर पूछा था। वह चिट्टाकार कौन है, क्या सवाल था, वह किस चिट्ठाकार की चिट्ठी पर पूछा गया - यह सब सिक्किम यात्रा की अगली कड़ी में।
'उन्मुक्त जी, इस श्रंखला का सिक्किम यात्रा से क्या संबन्ध?'
कुछ तो, इंतजार कीजिये - जो मज़ा इंतजार में, वह और कहां।



बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियां
भूमिका।। प्रभू ईसा का जन्म बेथलेहम में क्यों हुआ?।। क्रिस्मस को बड़ा दिन क्यों कहा जाता है।। बेथलेहम का तारा क्या था।। बेथलेहम का तारा उल्कापिंड या ग्रहिका नहीं हो सकता।। पिंडों के पृथ्वी से टक्कर के कारण बने प्रसिद्ध गड्ढ़े।। विज्ञान कहानियां क्या होती हैं और उनका मूलभूत सिद्धान्त।। विज्ञान कहानियों पर पुरुस्कार।। उल्का, छुद्र ग्रह, पृथ्वी पर आधारित विज्ञान कहानियां और फिल्में।। धूमकेतु या पुच्छल तारा क्या होते हैं।। हैली धूमकेतु।। पुच्छल तारों पर लिखी विज्ञान कहानियां।। बेथलेहम का तारा - ग्रह पास आ गये थे।। ग्रहण पर आधारित कहानियां।। जब रात हुई।।


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grahn is vaigyanik tthya and din evam samy phle se btaayaa ja sktaa hai. is post per nightfall khaanee, jo ki surya grahn per likhee sabse prasidh khaani hai kee charchaa hai. yeh hindi (devnagree) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

Eclipse is scientific fact and can be predicted beforehand. This post is review of the story Nightfall, the most famous story based on sun eclipse. It is in Hindi (Devnaagaree script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.



सांकेतिक शब्द
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ग्रहण पर आधारित कहानियां।

बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियां श्रंखला कि इस चिट्ठी में उन कहानियों की चर्चा है जो इस बात को ध्यान रखते लिखीं गयीं हैं कि ग्रहण वैज्ञानिक तथ्य है और उसका दिन वा समय पहले से बताया जा सकता है।

बहुत सारी कहानियों में इस बात का प्रयोग किया गया है कि चन्द्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण वैज्ञानिक तथ्य है जिसके दिन और समय के बारे में पहले से ही बताया जा सकता है। इनमें से चार कहानियां मैंने पढ़ी है। यह सब मुझे पसन्द भी आयीं।

इनमें सबसे पहली कहानी है - 'सोलोमन की खदानें' (किंग सोलोमॉनस् माइनस् ) (King Solomon's Mines)। इस उपन्यास को सर हेनरी राइडर हैगर्ड (२२.६.१८५६- १४.५.१९२५) (Sir Henry Rider Haggard) ने १८८५ में अपने भाई के साथ एक पाउंण्ड शर्त के एवज में लिखा था। शर्त यह थी कि वह भी राबर्ट लुईस स्टीवेनसन (Robert Louis Stevenson) के उपन्यास ट्रेजर आइलैण्ड (Treasure Island) जैसा लोकप्रिय उपन्यास लिख सकता है। 

कहानी के अन्त में फॉल्टा की मृत्यु
किंग सोलोमॉनस् माइनस् पुस्तक को कई प्रकाशकों ने ठुकरा दिया था लेकिन जब वह प्रकाशित हुई तो यह उस साल की सबसे ज्यादा बिकने वाली पुस्तक बनी। यह विज्ञान कहानी नहीं है पर रोमांच कथा की श्रेणी में आती है। यह उपन्यास अफ्रीका के जंगलो पर है। इस उपन्यास ने नयी तरह की कहानियों को जन्म दिया - जंगलों से जुड़ी रोमांच कहानियां।


इसकी कहानी कुछ इस प्रकार की है कि एक दल, उस व्यक्ति को ढूंढते अफ्रीका के जंगलों में जाता है जो सोलोमन की खदानों का पता लगाने गया था। इस दल को एक कबीला पकड़ लेता है । वहां वे फॉल्टा (Foulta) नामक कबीले की युवती की जान यह कह कर बचाते हैं कि वे चंद्रमा को अंधकार में कर सकते हैं। यह चन्द्र ग्रहण के कारण होता है। बाद में वह लड़की उस दल के लोगों की जान बचाने में अपनी जान खो बैठती है। इस उपन्यास पर कई फिल्में बनी है पर फिल्म की कहानी में बदलाव कर दिये गये हैं। इस उपन्यास को आप यहां पढ़ सकते हैं और चन्द्र ग्रहण के कारण फॉल्टा की जान बचाने की बात यहां है। 

दूसरी कहानी, है - 'आर्थर के राज्य में एक अमेरिकी' (A Connecticut Yankee in king Arthur's Court)। इसे मार्क ट्वैन (Mark Twain) ने लिखा है। यह १८८९ में लिखी गयी। इसमें एक अमेरिकी नागरिक जब सो कर उठता है तो वह अपने आप को राजा आर्थर (५२८ ईसा के मरने के बाद AD) के समय में पाता है। वहां उसे जला कर मार डालने की सजा मिलती है। वह अपने आप को यह कह कर बचा लेता है कि वह सूरज को अंधकार में कर सकता है। यह सूर्य ग्रहण के कारण होता है। यह कहानी विज्ञान कहानियों की श्रेंणी में आती है। इस उपन्यास को आप यहां पढ़ सकते हैं।

तीसरी कहानी है - टिनटिन (Tintin) 'सूरज के कैदी' (प्रिसनरस् ऑफ द सन) (Prisoners of the sun)। टिनटिन की रोमांचक कथायें, फ्रांसीसी भाषा की कॉमिक्स है। यह इसकी चौदवीं पुस्तक है। इन कॉमिक्स को Herge ने Georges Remi के नाम से लिखा है। यह कॉमिक्स न केवल बच्चों पर बड़ों के बीच भी लोकप्रिय है।
इस कहानी में टिनटिन और कैप्टेन आर्किबाल्ड हैडॉक्क (Captain Archibald Haddock) (जो टिनटिन की तरह इन कॉमिक्स का एक पात्र हैं) अपनी जान सूर्य - ग्रहण के कारण बचा पाते हैं।

यह विज्ञान कहानी तो नहीं कही जा सकती क्योंकि यह कॉमिक्स की तरह लिखी गयी और उसी श्रेणी में है।
यह कहानियां पढ़ने योग्य हैं। यदि नहीं पढ़ी हैं तो पढ़कर देखें।

इन तीनो कहानियों में ग्रहण का उपयोग किया है पर यह ग्रहण पर लिखी कहानियां नहीं हैं। चौथी कहानी सूर्य ग्रहण पर ही लिखी गयी है। यह एमरसन (Ralph Waldo Emerson) के एक उद्धरण पर आधारित है। यह विज्ञान कहानी के श्रेणीं में आती है और सबसे प्रसिद्ध कहानी भी है - इसके बारे में अगली बार।

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भूमिका।। प्रभू ईसा का जन्म बेथलेहम में क्यों हुआ?।। क्रिस्मस को बड़ा दिन क्यों कहा जाता है।। बेथलेहम का तारा क्या था।। बेथलेहम का तारा उल्कापिंड या ग्रहिका नहीं हो सकता।। पिंडों के पृथ्वी से टक्कर के कारण बने प्रसिद्ध गड्ढ़े।। विज्ञान कहानियां क्या होती हैं और उनका मूलभूत सिद्धान्त।। विज्ञान कहानियों पर पुरुस्कार।। उल्का, छुद्र ग्रह, पृथ्वी पर आधारित विज्ञान कहानियां और फिल्में।। धूमकेतु या पुच्छल तारा क्या होते हैं।। हैली धूमकेतु।। पुच्छल तारों पर लिखी विज्ञान कहानियां।। बेथलेहम का तारा - ग्रह पास आ गये थे।। ग्रहण पर आधारित कहानियां।।
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यह ऑडियो फइलें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप -
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