विकासवाद पढ़ाना मना करना, मज़हबी निष्पक्षता का प्रतीक नहीं

डार्विन के विकासवाद सिद्धांत को पढ़ाने पर स्कोपस् के विरूद्व बीसवीं शताब्दी में दाण्डिक मुकदमा चला। इसे मन्की ट्रायल (Monkey trial) के रूप में भी जाना जाता है। पिछली बार, हमने इसी की चर्चा की थी। इस बार चर्चा करेंगे उस मुकदमें जिसने इस फैसले से मिली शर्म को दूर किया। 
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मंकी ट्रायल का फैसला लगभग चालिस साल तक लागू रहा। अमेरिका के कई राज्यों में, डार्विन के विकासवाद  सिद्धांत को पढ़ाने से मना करने वाले कानून चलते रहे।  ऐरकेनसाज़  (Arkansas) भी अमेरिका का  राज्य है। इसमें भी इस तरह का कानून था।  

 सूसन एपर्सन, लिटिल रॉक (पुलास्की कॉउंटी) के सेन्ट्रल हाई स्कूल {Central High School in Little Rock (Pulaski County)} में जीव विज्ञान की अध्यापिका थीं। उन्होंने डार्विन के विकासवाद  सिद्धांत को पढ़ाने से मना करने वाले कानून को चुनौती दी।

 सूसन एपर्सन का यह चित्र यहां से लिया गया है।

अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय  ने  इस कानून को सर्वसम्मति से एपर्सन बनाम ऎरकेनसाज़ (Epperson V Arkansas:  393 US 97: 21 LEd 2d 228) में गैरकानूनी  ठहराया। न्यायालय ने दिनांक १२ नवम्बर, १९६८  के फैसले में  कहा, 
'Arkansas' law cannot be defended as an act of religious neutrality. Arkansas did not seek to excise from the curricula of its schools and universities all discussion of the origin of man. The law's effort was confined to an attempt to blot out a particular theory because of its supposed conflict with the Biblical account, literally read. Plainly, the law is contrary to the mandate of the First, and is violation of the Fourteenth, Amendment to the Constitution.'

ऐरकेनसाज़ राज्य के कानून का बचाव, यह कह कर नहीं किया जा सकता है कि यह मज़हब निष्पक्षता का प्रतीक है। यह कानून अपने राज्य में प्राणियों के उत्पत्ति के बारे में पढ़ाने के लिए नहीं मना करता है। यह कानून उस सिद्धांत को पढ़ाने के लिए मना करता है जो बाईबिल के विरूद्ध है। यह न केवल पहले पर चौदहवें संशोधन के अन्दर असंवैधानिक है।

इस मुकदमें के निर्णय के साथ, अमेरीकी न्यायालय ने अपने ऊपर लगे धब्बे को साफ किया। लेकिन अमेरिका में इस ईसाई धर्म के अनुयायी लोगों ने, अपनी बात को कानूनी  जामा पहनाने का दूसरा रास्ता अपनाया। क्या था यह रास्ता क्या उसमें सफलता मिली -  अगली बार, हम लोग उसी की चर्चा करेंगे।

डार्विन, विकासवाद, और मज़हबी रोड़े 
भूमिका।। डार्विन की समुद्र यात्रा।। डार्विन का विश्वास, बाईबिल से, क्यों डगमगाया।। सेब, गेहूं खाने की सजा।। भगवान, हमारे सपने हैं।। ब्रह्मा के दो भाग: आधे से पुरूष और आधे से स्त्री।। सृष्टि के कर्ता-धर्ता को भी नहीं मालुम इसकी शुरुवात का रहस्य।। मुझे फिर कभी ग़ुलाम देश में न जाना पड़े।। ऐसे व्यक्ति की जगह, बन्दरों से रिश्ता बेहतर है।। विकासवाद उष्मागति के दूसरे नियम का उल्लंघन करता है।। समय की चाल - व्यवस्था से, अव्यवस्था की ओर।। मैंने उसे थूकते हुऐ देखा है।। यदि विकासवाद जीतता है तो इसाइयत बाहर हो जायगी।। विकासवाद पढ़ाना मना करना, मज़हबी निष्पक्षता का प्रतीक नहीं।।



About this post in Hindi-Roman and English
vikaasvadd padhhaane ke kanoon ko, Eperson banaam Arkansas ke nirnay mein gair-kanooni ghoshit kiya gayaa. is chitthi mein isee kee charchaa hai. yeh {devanaagaree script (lipi)} me hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

Anti-evolution laws were declared unconstitutional in Epperson V Arkansas. This post talks about the same.  It is in Hindi (Devanagari script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.

सांकेतिक चिन्ह
। Epperson V Arkansas, Epperson V Arkansas, 



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क्या खांयेगे - बीफ बिरयानी, बीफ आमलेट या बीफ कटलेट

केरल में, बीफ, काफी खाया जाता है। इसका आभास हमें कुमारकॉम से त्रिवेन्दम जाते समय, रास्ते में हुआ। इसी की चर्चा इस चिट्ठी में है।

इस यात्रा के दौरान, कन्याकुमारी में विवेकानन्द रॉक मेमोरिएल से समुद्र का चित्र  

कुमाराकॉम से त्रिवेन्द्रम के लिये हम लोग टैक्सी से निकले। रास्ते में  हरि पार्क नामक जगह आयी। मैंने  प्रवीण से कहा कि हम लोग कहीं पर रुककर कॉफी पायेंगे और बाथरूम का प्रयोग करना चाहेंगे। वह हम लोगों को इन्डियन कॉफी हाउस ले गया। 

कॉफी हाउस को कोऑपरेटिव सोसायटी चलाती हैं। इनका हेड ऑफिस त्रिशूल में है। इस कॉफी ऑफिस की दीवारों में, कुछ बड़े अक्षरों में उनके मीनू लिखे हुए थे। उस मीनू में  प्रमुख था बीफ बिरयानी, बीफ आमलेट और बीफ कटलेट। मुझे बहुत आश्चर्य हुआ कि किसी भी रेंस्ट्रा में इतनी आसानी से बीफ मिल सकता है। मेरे कस्बे में तो बीफ इस तरह से नहीं बिक सकता। शायद लोग बुरा मान जाएँ। मुझे आश्चर्य लगा कि बीफ इतने खुले तरीके से बिक रहा है। प्रवीण ने बताया,

'यहाँ पर हिन्दू भी बीफ खाते है। इसलिये यह सब जगह मिल जाता है। यह केवल केरल में ही है और दक्षिण के किसी अन्य प्रान्त में ऐसा नही है। यहाँ पर जो अलग दूसरे प्रान्त के हिन्दू लोग आकर रहते हैं वे भी बीफ नहीं खाते हैं।'

मैंने कभी बीफ नहीं खाया था। मैं खाकर देखना चाहता था कि खाने में कैसा लगता है। मैंने अपने लिए बीफ कटलेट मंगाया। यह स्वाद में आलू के कटलेट की तरह था। मुझे  तो कोई अन्तर नहीं लगा। मैंने वेटर से पूछा कि इसमें कितना बीफ था। वह  नहीं बता सका। वह उसके  बनाने वाले को मेरे पास लेकर आया। उसने बताया,

‘मैं चालीस कटलेट के लिए,  एक किलो बीफ का प्रयोग करता हूं।‘
यह अनुपात शायद बहुत कम है। इसलिये इसका स्वाद पता नहीं चल पाया।

हम कटलेट खा कर आगे चले पर वहां जैम, अरे मेरे मतलब ट्रैफिक जैम इंतजार कर रहा था। यह पोंगल त्योहार के कारण था। इस श्रंखला की अगली कड़ी में इसी के बारे में।


कोचीन-कुमाराकॉम-त्रिवेन्दम यात्रा
 क्या कहा, महिलायें वोट नहीं दे सकती थीं।। मैडम, दरवाजा जोर से नहीं बंद किया जाता।। हिन्दी चिट्ठकारों का तो खास ख्याल रखना होता है।। आप जितनी सुन्दर हैं उतनी ही सुन्दर आपके पैरों में लगी मेंहदी।। साइकलें, ठहरने वाले मेहमानो के लिये हैं।। पुरुष बच्चों को देखे - महिलाएं मौज मस्ती करें।। भारतीय महिलाएं, साड़ी पहनकर छोटे-छोटे कदम लेती हैं।। पति, बिल्लियों की देख-भाल कर रहे हैं।। कुमाराकॉम पक्षीशाला में।। क्या खांयेगे - बीफ बिरयानी, बीफ आमलेट या बीफ कटलेट।।


हिन्दी में नवीनतम पॉडकास्ट Latest podcast in Hindi
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यात्रा विवरण पर लेख चिट्ठे पर अन्य चिट्ठियां



About this post in Hindi-Roman and English
keral mein beef kaafee khaayaa jaata hai. iskaa aabhaas hme trivandum ke raaste mein hua. is chitthi mein, isee kee charchaa hai. yeh hindi (devnaagree) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.


It is common to eat beef in Kerala. We realised this on our way to Trivandum. This post talks about the same. It is in Hindi (Devanagari script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.

सांकेतिक शब्द
। Beef,
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Hindi, हिन्दी,
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