माइक्रोब हंटरस् - जीवाणु के शिकारी: किताबी कोना

इस चिट्ठी में 'माइक्रोब हंटरस्: जीवाणु के शिकारी' (Microbe Hunters by Paul deKruif) नामक पुस्तक की समीक्षा है। इसे आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये प्ले करने वाले चिन्ह ► पर चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,
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सुन सकते हैं। ऑडियो फाइल पर चटका लगायें फिर या तो डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले। डाउनलोड करने के लिये पेज पर पहुंच कर जहां Download फिर अंग्रेजी में फाइल का नाम लिखा है, वहां चटका लगायें।


लगभग साढ़े तीन सौ साल पहले, एंटोनियो फिलिप्स् लीवेनहोक (Antonie Phillips Van Leeuwenhoek) ने माइक्रोस्कोप को बेहतर बनाया। उसने माइक्रोस्कोप के द्वारा, पानी की बूंदो में, सबसे पहले, मानव जाति के सबसे बड़े दुश्मन, यानि कि जीवाणुवों (microbes) को देखा। उन्होंने, इन पर, काम किया। इसलिये लीवेनहोक को अणु जीव विज्ञान का पिता (Father of Microbiology) कहा जाता है।

लीवेनहोक के बाद, इस दिशा में अनेक वैज्ञानिकों और डाक्टरों ने काम किया। जिस समय यह पुस्तक लिखी गयी थी उस समय तक इसमें प्रमुख थे: रॉबर्ट कॉक (Robert Koch), लूई पास्चर (Pasteur), रोनाल्ड रॉस (Ronald Ross), जोवान्नी बत्तिस्ता ग्रास्सी (Giovanni Batiste Grassi), वाटर रीड (Water Reed)। इन लोगों ने इस विषय को आगे बढ़ाया।

एंटोनियो फिलिप्स् लीवेनहोक २४.१०.१६३२ – ३०.०८.१७२३

माइक्रोब हंटरस् पुस्तक, पॉल डी क्रुइफ ने १९२६ में लिखी थी। इस पुस्तक में, इस विषय के इतिहास को, इन वैज्ञानिकों और डाक्टरों की जीवनी के द्वारा बताया गया है। इस पुस्तक में इन लोगों के साथ जुड़ी घटनाओं का वर्णन है। पुस्तक का यह अंदाज, इसे निराला बनाता है। इस पुस्तक के बाद के संस्करणों में, अन्य लोगों के नाम भी जोड़े गये हैं।

इस पुस्तक में घटनाओं को लिखते समय उन घटनाओं का भी उल्लेख है जो यह दर्शाती हैं कि यह लोग भी साधरण व्यक्तियों जैसा व्यवहार करते थे। इस संबन्ध में कुछ बातें रॉस और ग्रास्सी के बीच की हैं।

रॉस का जन्म अलमोड़ा भारत में हुआ था। वे बाद में भारतीय चिकित्सा सेवा में कार्यरत रहे। ग्रास्सी इटालियन थे। इन दोनों ने, इस बात का पता लगाया कि मलेरिया, किस तरह से मच्छरों के द्वारा फैलता है।

एक जीवाणु - ई-कोली बैक्टीरिया

रॉस ने यह काम कलकत्ता में चिड़ियों को मच्छरों से कटवा कर पता किया। ग्रास्सी ने व्यक्तियों पर मलेरिया फैलने की बात का पता लगाया। उसका काम किसी भी तरह से रॉस से काम कम नहीं था फिर भी इस कार्य के लिये १९०२ में, रॉस को ही शरीरक्रिया विज्ञान या चिकित्सा शास्त्र (Physiology or Medicine) के लिये नोबल पुरूस्कार मिला, ग्रास्सी को नहीं। वास्तव में इस पुरुस्कार में उसका नाम भी होना चाहिये था।

मलेरिया कैसे फैलता है - इस बात को पता करने का श्रेय किसको मिलना चाहिये। इसके लिये क्या नोबल पुरुस्कार सही मिला - इस बारे में दोनो के बीच विवाद चला। इस पुस्तक में, इसका भी जिक्र है।

इस पुस्तक में इस विवाद के लिये लिखा है कि क्या अच्छा होता कि यह लोग विवाद करने के बजाय कहते,
'The facts of Science are greater than the little men who find those facts!' And then have gone on searching and saving. विज्ञान के तथ्य उन लोगों से कहीं बड़े जो उसे ढूढ़ते हैं। और क्या अच्छा होता कि यह सोच कर ,वे विज्ञान के तथ्यों कर खोज में लग जाते।

डार्विन ही ऐसे वैज्ञानिक हुऐ हैं, जिन्होने वॉलस को वह श्रेय दिया जो उसे मिलना चाहिये था। यह दर्शाती है कि वे महान व्यक्ति भी थे।

मेरे संज्ञान में शायद डार्विन ही ऐसे वैज्ञानिक हुऐ हैं, जिन्होने वॉलस को वह श्रेय दिया जो उसे मिलना चाहिये था - अन्य किसी ने नहीं। वे महान वैज्ञानिक तो थे ही पर यह बात दर्शाती है कि वे महान व्यक्ति भी थे। यह गुण कम लोगों में पाया जाता है: वैज्ञानिक भी मानव होते हैं, उन में भी ईर्ष्या होती है।

यह पुस्तक बेहद रोचक तरीके से लिखी गयी है। इसका अपना धारा प्रवाह है। यह एकदम आसान है, पढ़ने योग्य है, प्रेरणामय है। इसने अनगिनत लोगों को इस दिशा में कार्य करने के लिये प्रेरित किया। इसलिये इस पुस्तक का १८ भाषाओं में अनुवाद किया गया है। यदि आपने इसे नहीं पढ़ा, तो अवश्य पढ़िये। यदि आपके मुन्ने, मन्नी ने नहीं पढ़ी है तो उन्हें पढ़ने के लिये दीजिये।

नासा में जीवाणुवों के बारे में प्रयोग करती हुई एक अनुसंधानकर्ती

मुझे Giovanni Batiste Grassi को देवनगरी में कैसे लिखा जाय, समझ में नहीं आ रहा था। वे इटालियन थे। इसलिये मैंने राम चन्द मिश्र जी से पूछा। उन्होने बताया कि इसे देवनागरी मे जोवान्नी बत्तिस्ता ग्रास्सी लिखा जा सकता है। इसके लिये उन्हें धन्यवाद, मेरा आभार।

मिश्र जी की पी एच.डी. थीसिस का प्रथम अध्याय मलेरिया पर है। इसका शीर्षक है Malaria: Current Status and Future Strategies. इसे यहां पढ़ा जा सकता है।




सांकेतित शब्द
science, microbiology, अणु जीव विज्ञान,
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लीवेनहो वा ई-कोली बैक्टीरिया का चित्र, विकिपीडिया से है और ग्नू स्वतंत्र अनुमति पत्र की शर्तों के अन्दर प्रकाशित हैं। अनुसंधानकर्ती सुश्री हमी टील हैं। यह चित्र नासा वेबसाइट के इस पन्ने से है और उन्ही के सौजन्य से हैं।

यह पोस्ट 'माइक्रोब हंटरस् : जीवाणु के शिकारी' नामक पुस्तक की समीक्षा है। यह हिन्दी (देवनागरी लिपि) में है। इसे आप रोमन या किसी और भारतीय लिपि में पढ़ सकते हैं। इसके लिये दाहिने तरफ ऊपर के विज़िट को देखें।

yah post 'Microbes Hunters' naamak pustak kee smeekshaa hai. yah hindee {devanaagaree script (lipi)} me hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post is review of the book 'Microbe Hunters'. It is in Hindi (Devnaagaree script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.

भूमिका: बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियां

मेरी नयी श्रंखला का नाम है - 'बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियां'। इस श्रंखला को लिखने का मेरा कोई भी विचार नहीं था पर मैं तो चिट्ठाकार बन्धुवों के चक्कर में इसे लिखने के लिये फंस गया। यदि आप इस श्रंखला को पढ़ कर बोर होते हैं तो यह मेरी गलती नहीं है इसके दोषी हैं अरविन्द जी और शास्त्री जी - सारा दोष उन्हीं दोनो का है। उन्होने ही मुझे फांसा है :-) पर यह ऐसा फसुवल है जिसके फंसने में अपना ही मजा है। अब यह भी सुन लीजिये कि मैं कैसे फंसा।

बाईबिल का चित्र न्यूयॉर्क प्बलिक लाइब्रेरी से, और उन्ही के सौजन्य से है।

प्रभू ईसा का जन्म की सूचना, लोगों को, एक तारे के द्वार पता चली थी। इसी तारे के सहारे पूरब से तीन बुद्धिमान राजा उन्हें सम्मान देने बेथलेहम पहुंचे थे। अरविन्द जी के अनुरोध पर, शास्त्री जी ने इस तारे के बारे में एक चिट्ठी 'वह तारा क्या था' नाम से लिखी। अरविन्द जी ने उस पर टिप्पणी की,
'धन्यवाद शास्त्री जी, आपने तो और जिज्ञासा जगा दी है। मैं उन्मुक्त जी से भी सादर आग्रह करूंगा की वे इस अद्भुत घटना पर कुछ और प्रकाश डालें, यहाँ (यदि आप अन्यथा न लें और इसकी अनुमति दें तो) अथवा अपने चिट्ठास्थल पर।'

अरविन्द जी, विज्ञान कहानियों में रुचि रखते हैं और याहू पर, इंडियन साइंस फिक्शन (Indian Science Fiction), नाम के ग्रुप का संचालन रखते हैं। मैं भी विज्ञान कहानियों में रुचि रखता हूं और हमारी मुलाकात इसी कारण हुई।

एक बार उन्होने मेरी एक चिट्ठी 'विज्ञान कहानियों के मेरे प्रिय लेखक' पर टिप्पणी कि तो मुझे उनका नाम कुछ नया सा लगा। मैं भी उनके चिट्ठे Science Fiction in India पर गया तो प्रसन्नता का ठिकाना न रहा। मैं सपने में भी नहीं सोचता ता कि भारत में कोई विज्ञान कहानियों से इतना प्रेम रखता होगा। बस उसी के बाद से उनसे ई-मेल के जरिये मित्रता शुरू हुई और बाद में अरविन्द जी ने भी हिन्दी में साईब्लाग [sciblog] नाम से चिट्ठा लिखना शुरू किया।

शास्त्री जी ने अरविन्द जी को उनकी टिप्पणी के संदर्भ में जवाब दिया,
'निश्चित रुप से उन्मुक्त जी से कहें। वे मुझ से अधिक विस्तार से लिखते हैं। इतना ही नहीं, हम दोनों को एक ही विषय के पूरक लेख लिखने की आदत है, अत: मुझे किसी भी तरह से बुरा नहीं लगेगा।'
यह शास्त्री जी का बड़प्पन की वे मेरे बारे में ऐसे विचार रखते हैं।


क्रैब निहारिका (Creab Nebula) नेब्युला का चित्र नासा (NASA) के सौजन्य से है।

अरविन्द जी ने शास्त्री जी का ई-मेल मेरे पास भेज दी। बस यही कहानी है मेरे फसने की। मैंने पहले सोचा कि इस तारे के बारे में अपने विचार रख कर छुट्टी पाऊं, फिर लगा कि यह अच्छा मौका है जब मै बात कर सकता हूं,
  • बाईबिल के कस्सों की,
  • उन किस्सों से जुड़े तथ्यों की एवं खगोलशास्त्र की, और
  • उन तथ्यों एवं खगोलशास्त्र से जुड़ी कुछ विज्ञान कहानियों की।

मैं यह श्रंखला तो लिख रहा हूं पर मैं इनमें से किसी भी विषय का विशेषज्ञ नहीं हूं। मैं तो फाइलें इधर उधर करने का विशेषज्ञ हूं :-) इनमें से पहले के विशेषज्ञ हैं शास्त्री जी, तो दूसरे के हैं आशीष जी (विज्ञान विश्व एवं अंतरिक्ष – मैं नहीं जानता कि इन दोनो चिट्ठों के लेखक आशीष श्रीवास्तव जी एक ही व्यक्ति हैं या अलग, अलग व्यक्ति), और तीसरे के हैं अरविन्द जी। मैं चाहूंगा यदि गलती हो तो यह लोग भी अपने चिट्ठे पर लिख कर गलती को दूर करें। ऐसे यदि टिप्पणी करके करेंगे तो भी चलेगा :-)


मैं यह भी चाहूंगा कि अरविन्द जी अपने चिट्ठे पर विज्ञान कहानियां क्या होती है हमें बताये। इसमें यह भी लिखें कि किस कहानी को विज्ञान कहानी कहा जाता है और विज्ञान कहानियों और अन्य कहानियों में क्या अन्तर होता है।

यह अमेज़िंग स्टोरीस् पत्रिका के पहले अंक, अप्रैल १९२६ का कवर है।

मैंने दूसरे और तीसरे चित्र का प्रयोग जान-बूझ कर किया है। इसका कारण भी आपको इस श्रंखला के अन्त होते, होते समझ में आयेगा।

इस श्रंखला में हम तीन विषयों - बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियों - पर चर्चा करेंगे। मैंने इस चिट्ठी में तीन चित्र, इन्हीं विषयों का प्रतिनिधित्व करने के लिये रखे हैं। दूसरे और तीसरे विषयों के लिये मैं कोई और चित्र भी प्रयोग कर सकता था पर मैंने दूसरे और तीसरे चित्र का प्रयोग जान-बूझ कर किया है। इसका कारण भी आपको इस श्रंखला के अन्त होते, होते समझ में आयेगा।

बाईबिल में तीन स्थान महत्वपूर्ण हैं,
  • नाज़रेथ जहां मां मरियम और जोसेफ रहते थे
  • बेथलेहम जहां प्रभू ईसा पैदा हुऐ
  • जेरूसलम जहां प्रभू ईसा को सलीब पर चढ़ाया गया था।
यदि मां मरियम और जोसेफ नाज़रेथ में रहते थे तो प्रभू ईसा के जन्म के समय मां मरियम और जोसेफ बेथलेहम क्या करने गये थे? क्या वहां मां मरियम का मायका था? कुछ यह भी चर्चा करेंगे कि प्रभू ईसा का जन्म किस साल हुआ था। यह सब अगली बार।

बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियां
भूमिका।।

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  • पुस्तक समीक्षा: माइक्रोब हंटरस् - जीवाणुवों के शिकारी (Microbe Hunters by Paul de Kruif) ►
  • अंतरजाल की माया नगरी की नवीनतम कड़ी: समान डोमेन नाम विवाद नीति साइबर और टाइपो स्कवैटिंग' (Uniform Domain Name Dispute Resolution Policy Cyber Typo squatting) ►

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यह पोस्ट नयी श्रंखला 'बाईबिल, खगोलशास्त्र, और विज्ञान कहानियां' की भूमिका है। यह हिन्दी (देवनागरी लिपि) में है। इसे आप रोमन या किसी और भारतीय लिपि में पढ़ सकते हैं। इसके लिये दाहिने तरफ ऊपर के विज़िट को देखें।

yah post meri nayee shrankhlaa 'bible, khagolshastra aur science khaniyon' kee bhoomika hai. yah {devanaagaree script (lipi)} me hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post is introduction of my news series 'Bible, Astronomy and Science fiction'. It is in Hindi (Devnagri script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.


सांकेतिक शब्द
astronomy, bible, culture, Family, fiction, life, Life, Religion, science fiction, जीवन शैली, धर्म, धर्म- अध्यात्म, विज्ञान, समाज, ज्ञान विज्ञान,
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