४. ओपेन सोर्स सौफ्टवेर – सौफ्टवेर क्या है

इस विषय पर पिछला चिठ्ठा|
तकनीकी दृष्टि से साफ्टवेयर के दो हिस्से होते हैं । सोर्स कोड (source code) और औबजेक्ट कोड (object code)| इन दोनों को समझने के लिये थोडा कमप्यूटर साफटवेयर के इतिहास को जानना होगा|

सोर्स कोड और औबजेक्ट कोड
कम्प‍यूटर हम लोगो की भाषा नहीं समझते हैं| वे केवल हां या ना, अथवा 1 अथवा 0 की भाषा समझते हैं| हमारे लिये इस भाषा में प्रोग्राम लिखना बहुत मुश्किल है| पहले प्रोग्राम इसी तरह से लिखे जाते थे एक पंच-कार्ड होता था जिसे छेद किया जाता था कार्ड में छेद का मतलब हां और यदि छेद नहीं है तो मतलब ना|


Punch Card

जब कमप्यूटर विज्ञान का विकास हुआ तो ऊचें स्तर की कमप्यूटर भाषाओं (high level languages), जैसे कि बेसिक, कोबोल , सी ++ इत्यादि, का भी ईजाद किया गया| इन भाषाओं में ख़ास सुविधा यह है कि प्रोग्राम अंग्रेजी भाषा के शब्दों एवं वर्णमाला का प्रयोग करते हुये लिखा जा सकता है| जब इस तरह से प्रोग्राम लिख लिया जाता है तो उसे हम सोर्स कोड कहते हैं| अब इसे कमप्यूटर के समझने की भाषा में बदला जाता है|

ऊचें स्तर की कमप्यूटर भाषाओं में एक प्रोग्राम होता है जिसे कम्पाइलर (complier) कहते हैं| कम्पाइलर के द्वारा सोर्स कोड को जब कम्पाइल किया जाता है तो सोर्स कोड कम्प‍यूटर की भाषा, यानी 1 या 0 की भाषा में, बदल जाता है| इसको औबजेक्ट कोड या मशीन कोड भी कहते हैं| सौफ्टवेर किस तरह से कानून में सुरक्षित होता है, जानने से पहिले कुछ बात बौधिक सम्पदा अधिकारों की - जिसकी चर्चा अगली बार|

एक कैमरा हो प्यारा सा

केरल के सफ़रनामे पर सुनील जी की टिप्पणी
यात्रा विवरण तो बहुत अच्छा है पर अगर साथ में तस्वीरें भी होतीं तो और भी अच्छा हो जाता|
मुझे भी यही लगता है, पर क्या करूं मेरे पास एक रील वाला अच्छा सा कैमरा था उसमें दूर की फोटो खीचने की सुविधा थी| मेरी गलती से गिर गया और टूट गया| मित्रों ने कहा कि अब डिज़िटल कैमरा लो| बस क्या था पहुंचा ईन्टरनेट पर, लगा ढ़ूंढ़ने डिज़िटल कैमरा| गूगल पर देखा तो उसने 188,000,000 और याहू ने 97,200,000 वेब साईट बतायी| कुछ वेब साईट के अन्दर गया तो दिमाग और चक्कर खा गया पिक्सल, स्पीड और मालुम नही क्या क्या| न कोई कैमरा खरीद पाया हूं न कोई फोटो ले पाता हूं|

यदी आपकी जानकारी में कोई अच्छा डिज़िटल कैमरा हो जिससे दूर की भी फोटो ली जा सकती हों SLR हो तो क्या बतायेंगे| बस आखें बन्द कर के वही ले लेता हूं और अगली बार फोटो के लिये किसी को नहीं कहना पड़ेगा|
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