शॉ फैनिंग, नैपस्टर सॉफ्टवेयर, और उस पर चला मुकदमा

आज चर्चा का विषय है: 'नैपस्टर सॉफ्टवेयर, और उस पर चला मुकदमा'। इसे आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,
  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में,
सुन सकते हैं। ऑडियो फाइल पर चटका लगायें। यह आपको इन फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम अंग्रेजी में लिखा है वहां चटका लगायें। इन्हेंं डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले।
इसके पहली की कड़ी 'समकक्ष कंप्यूटर के बीच फाइल शेयरिंग' को सुनने के लिये यहां चटका लगायें।

मैंने पिछली चिठ्ठी में फाइल रखने के निम्न तीन तरीकों और उन तीनो तरीकों से बने अलग अलग सॉफ्टवेयर के नामों के बारे में चर्चा की थी। इन सॉफ्टवेयर में सबसे पहले नैपस्टर (Napster) सॉफ्टवेयर बना। यह सबसे पहले तरीके यानि कि केन्द्रीयकृत सूची तरीका (Centralised indexing system) का प्रयोग करता है। इस तरीके में एक मुख्य सर्वर होता है जिसमें सारे फाइलों की सूची उपलब्ध होती हैं।

नैपस्टर साफ्टवेयर, शॉं फैनिंग (Shawn Fanning) ( जन्म: २२ नवम्बर १९८०) नामक युवक ने बनाया था। शॉ हमेशा अपने कंप्यूटर में रखे संगीत को सबके साथ बांटना चाहता था पर किसी को यह विचार पसंद नहीं आता था क्योंकि वे समझते थे कि यह बेवकूफी है। शॉ ने युवावस्था में ही कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी और इस तरह का सॉफ्टवेयर बनाने में जुट गया।


शॉं फैनिंग टाईम के कवर पेज पर

ऑडियो सूचना या संगीत रखने के लिये सबसे लोकप्रिय फॉरमैट mp3 है। नैपस्टर सॉफ्टवेयर केवल mp3 फॉरमैट की फाइलों के साथ काम करता है। इसके लिये, आपको नैपस्टर के साथ रजिस्टर कर, इसके सॉफ्टवेयर को अपने कंप्यूटर में डालना होता है। यह एकदम मुफ्त है। नैपस्टर सारे कंप्यूटरों के mp3 फाइलों की सूची अपने सर्वर पर रखता है। इसके बाद जब आप किसी mp3 फाइल को ढूढ़ते हैं तो नैपस्टर सर्वर पहले देखता है कि क्या वह फाइल इसकी सूची में है अथवा नहीं। यदि वह है तो नैपस्टर सर्वर यह पता करता है कि क्या वह कंप्यूटर अन्तरजाल पर है। यदि वह अन्तरजाल पर है तो, नैपस्टर सर्वर, दोनों कंप्यूटरों का आपस में सम्पर्क करा देता है ताकि वह फाइल डाउनलोड की जा सके।

लोग संगीत खरीदते हैं और उसे अपने कंप्यूटर में mp3 फारमैट की फाइलों में रखते हैं। इसमें कोई भी कानूनी अड़चन नहीं है। पर यदि उन्होंने नैपस्टर के साथ पंजीकृत करा रखा है तो कोई अन्य उसे, उनके कंप्यूटर से, बिना पैसा दिये, अपने कंप्यूटर में कॉपी कर सकता है। यह गैरकानूनी है। क्योंकि संगीत कॉपीराइटेड है और बिना उसकी रायल्टी दिये उसे आप अपने कंप्यूटर में नहीं डाल सकते हैं। इसलिये संगीत कम्पनियों ने मुकदमा नैपस्टर पर मुकदमा ठोंक दिया। इस मुकदमें में, संगीत कंपनियों का कहना था:
  • नैपस्टर में कॉपीराइट उल्लंघन में सहयोग दे रहा है;
  • यह सहयोग गैरकानूनी है
  • इसे केवल नैपस्टर ही रोक सकता है
  • इसलिये उसे यह करने से मना किया जाय और उन्हें हर्जाना दिलवाया जाय।

नैपस्टर का कहना था कि,
  • कॉपीराइट सामग्री उसके सर्वर से नहीं गुजरती है;
  • कॉपीराइट का उल्लंघन तो वह लोग कर रहे हैं जो कि कॉपीराइटेड सामग्री डाउनलोड कर रहे हैं।
  • उसके द्वारा कोई भी डाउनलोड नहीं किया जा रहा है।

परीक्षण न्यायालय (Trial Court) ने नैपस्टर की बात नहीं मानी और उसे ऎसा करने से मना कर दिया। नैपस्टर ने अपील दाखिल कर स्थगन आदेश ले लिया। अपील के दौरान अधिकतर संगीत कंपनियों से सुलह कर ली। यह मुकदमा वापस आया। उसके बाद परीक्षण और अपीली न्यायालय ने कहा कि नैपस्टर इस उल्लंघन के लिये तब जिम्मेदार है जब,
  • नैपस्टर को पता चले कि उसकी फाइलों की सूची में कौन कौन सी फाइल कॉपीराइटेड है; और
  • उसके बाद भी नैपस्टर उस फाइल के डाउनलोड रोकने के लिये कोई कदम न उठाये।
इसके बाद नैपस्टर को व्यापारिक सफलता नहीं मिल पायी।

इस केस के अतिरिक्त दो अन्य केस भी हुऐ हैं: कज़ा केस (KaZa Case) और ग्रॉकस्टर केस (Grokster Case)। इनके बारे में अगली बार।

अंतरजाल की मायानगरी में
टिम बरनर्स् ली।। इंटरनेट क्या होता है।। वेब क्या होता है।। लिकिंग, क्या यह गलत है।। चित्र जोड़ना - यह ठीक नहीं।। फ्रेमिंग भी ठीक नहीं।। बैंडविड्थ की चोरी - क्या यह गैर कानूनी है।। बैंडविड्थ की चोरी - कब गैरकानूनी है।। डोमेन नाम विवाद क्या होता है।। समान डोमेन नाम विवाद नीति, साइबर और टाइपो स्कवैटिंग।। की वर्ड और मॅटा टैग विवाद।। समकक्ष कंप्यूटर के बीच फाइल शेयरिंग।। शॉ फैनिंग, नैपस्टर सॉफ्टवेयर, और उस पर चला मुकदमा।।

इस पोस्ट पर शॉ फैनिंग, नैपस्टर सॉफ्टवेयर, और उस पर चले केस के बारे में चर्चा है। यह हिन्दी (देवनागरी लिपि) में है। इसे आप रोमन या किसी और भारतीय लिपि में पढ़ सकते हैं। इसके लिये दाहिने तरफ ऊपर के विज़िट को देखें।

yah post shaw fanning, napster software aur us pr chle case ke baare mein hai.
yah hindee {devanaagaree script (lipi)} me hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post talks about Shaw fanning, Napster software and the case against it. It is in Hindi (Devnaagaree script). You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.



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क्या, अंतरजाल तकनीक पर काम करने वालों पर, वाई क्रोमोसोम हावी है?

ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी अदालत, वहां का उच्च न्यायालय है। न्यायमूर्ति माइकेल किरबी वहां न्यायधीश हैं। इस समय, वे विश्व में, कानून के क्षेत्र में सबसे ज्यादा जाने माने व्यक्ति हैं।

न्यायमूर्ति किरबी

२१ फरवरी २००८ को, इंटरनेट इंडस्ट्री एसोसिएशन का वार्षिक रात्रि-भोज था। न्यायमूर्ति किरबी वहां मुख्य अथिति थे। वहां पर भाषण देते समय उन्होने इस बात पर गौर किया कि सुनने वालों में अधिकतर व्यक्ति पुरुष थे। उनके मुताबिक यदि वे किसी और पेशे के लोगों के बीच भाषण दे रहे होते तो उसमें पुरुषों और महिलाओं की संख्या लगभग बराबर होती। वे आगे कहते कि,
'My conversationalist said, it all goes back to the fact that to be good in this type of technology, you have got to have that very strange mental quirk. And that’s a male phenomenon. It’s on the Y chromosome, in the male genes. That’s probably why they are mostly men here.
I don’t know that I accept that.
...
But it’s a thing for you to look to. Women are the great networkers. And toilers in the Internet are in the business of the greatest network of them all.'
लोगों का कहना है कि इस तकनीक में अच्छा होने के लिये एक खास तरह का दिमाग होना चाहिये और यह पुरुषों के पास - वाई क्रोमोसोम के कारण - है। शायद इसी लिये आज अधितर व्यक्ति, पुरुष हैं।
मै इस बात को नहीं मानता हूं।
...
लेकिन इस पर गौर करने की जरूरत है क्योंकि महिलायें बहुत बेहतरीन नेटवर्कर होती हैं और आप दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क में काम काम करते हैं।
इसे आप स्वयं सुन सकते हैं। यह उनके भाषण का आखरी भाग है। यह बात इसके अन्त में है। यदि आप इसके पहले भाग भी सुनना चाहें तो यहां, यहां, यहां, यहां, और यहां सुन सकते हैं।



मैं न्यायमूर्ति किरबी की बात से सहमत हूं। मुझे भी यह बात सही नहीं लगती की अंतरजाल की तकनीक में अच्छा होने के लिये वाई क्रोमोसोम का कोई महत्व है पर यह भी गौर करने की बात है कि इस पेशे में पुरुषों की संख्या अधिक है। यह नहीं होना चाहिये।

कुछ दिन पहले शोभा डे ने एक लेख लिखा था कि कैसे एक पत्रकार यूवक ने, अपनी मां को, अपने समलैंगिक होने के बारे में बताया था। मेरे विचार से वह सही नहीं कह रही थी क्योंकि कोई यूवक इतना क्रूर नहीं हो कता। मैंने इस पर, आक्रोशवश, अपने चिट्ठे छुटपुट पर, मां को दिल की बात कैसे बतायें नामक चिट्ठी लिखी थी। आप यह सब वहां जा कर पढ़ सकते हैं।

न्यायमूर्ति किरबी भी समलैंगिक हैं। उनहोने अपनी मां को कभी नही बताया कि वे समलैंगिक हैं। उनके मुताबिक वे जो हैं, जैसे हैं, वह ईश्वर के कारण है। इसमें उनका कोई दोष नहीं पर उनकी मां यह नहीं समझ पाती और यह पता चलने पर उन्हे बहुत दुख होता। उनकी मां अपने को ही दोषी ठहरातीं। चूंकि वे अपनी मां को दुख नहीं देना चाहते थे इसलिये यह बात गुप्त रखी। आज उनकी मां जीवित नहीं हैं। इसलिये वे सच बात को छुपाने का कोई औचित्य नहीं समझते है।

मेरे विचार से, जो व्यक्ति दूसरे की भावनाओं को समझता है, आदर करता है, परिपक्व होता है - वही इस तरह की बात कह सकता है।

हिन्दी में नवीनतम पॉडकास्ट Latest podcast in Hindi
(सुनने के लिये चिन्ह शीर्षक के बाद लगे चिन्ह ► पर चटका लगायें यह आपको इस फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम अंग्रेजी में लिखा है वहां चटका लगायें।: Click on the symbol ► after the heading. This will take you to the page where file is. Click where 'Download' and there after name of the file is written.)
  • अंतरजाल की माया नगरी की नवीनतम कड़ी: नैपस्टर केस ►
  • पुस्तक समीक्षा: माइक्रोब हंटरस् - जीवाणुवों के शिकारी (Microbe Hunters by Paul de Kruif) ►
यह ऑडियो फइलें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप -
  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में - सुन सकते हैं।
बताये गये चिन्ह पर चटका लगायें या फिर डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले।

इस चिट्ठी का चित्र विकीपीडिया से है और ग्नू स्वतंत्र अनुमति पत्र की शर्तों के अन्तर्गत प्रकाशित किया गया है।

इस पोस्ट पर न्यायमूर्ति माइकेल किरबी के द्वारा २१ फरवरी २००८ को इंटरनेट इंडस्ट्री एसोसिएशन का वार्षिक रात्रि-भोज दिये गये भाषण की चर्चा है। यह हिन्दी (देवनागरी लिपि) में है। इसे आप रोमन या किसी और भारतीय लिपि में पढ़ सकते हैं। इसके लिये दाहिने तरफ ऊपर के विज़िट को देखें।

is post per justice miachael kirby ke dvaraa 21 February 2008 ko internet industry association ke ratri bhoj per diye gaye bhaashan ki charchaa hai. yah hindi (devnagri) mein hai. ise aap roman ya kisee aur bhaarateey lipi me padh sakate hain. isake liye daahine taraf, oopar ke widget ko dekhen.

This post is about - a cooment made by by Justice Miachael Kirby on 21st February before Internet Industry associatio. It is in Hindi. You can read it in Roman script or any other Indian regional script also – see the right hand widget for converting it in the other script.


सांकेतिक शब्द
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